महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंडे के पहले 100 दिनों में नियामक कार्रवाई में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। डेटा के अनुसार, शिकायतों और जांचों में भारी उछाल आया है, जो स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति सख्त रुख दर्शाता है।
- शिकायतों की संख्या में 557% की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
- जांचों में 378% और तलाशी एवं जब्ती में 217% का इजाफा हुआ है।
- आयुर्वेदिक निर्माताओं के निरीक्षणों में भी तेजी आई है।
- डिजिटल पोर्टल के माध्यम से शिकायतों के समाधान को पारदर्शी बनाया गया है।
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर के रूप में तुकाराम मुंडे के पहले 100 दिनों के कार्यकाल ने राज्य के फार्मास्युटिकल और खाद्य क्षेत्र में हलचल मचा दी है। हाल ही में जारी डेटा से पता चलता है कि मुंडे के नेतृत्व में नियामक कार्रवाई में जबरदस्त तीव्रता आई है। पिछले तीन महीनों (जून-अगस्त 2026) के दौरान प्राप्त शिकायतों में पिछले वर्ष की तुलना में 557% की वृद्धि देखी गई है।
यह वृद्धि केवल कागजी नहीं है; मुंडे के कार्यकाल में शिकायतों की जांच में भी 378% का उछाल आया है। इसके अलावा, तलाशी और जब्ती की घटनाओं में 217% की वृद्धि हुई है, जो यह संकेत देता है कि विभाग अब गैर-अनुपालन करने वाली इकाइयों पर अधिक आक्रामक तरीके से कार्रवाई कर रहा है। विशेष रूप से आयुर्वेदिक निर्माताओं पर नजर रखी जा रही है, जहाँ पिछले तीन महीनों में ही 301 निरीक्षण किए गए हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह बदलाव केवल संख्यात्मक नहीं है, बल्कि यह प्रशासन की कार्यप्रणाली में एक गहरे संरचनात्मक बदलाव का प्रतीक है। मुंडे ने शिकायत निवारण प्रणाली को पूरी तरह से स्वचालित कर दिया है, जिससे नागरिक अब अपने पोर्टल पर शिकायतों की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं। यह पारदर्शिता भ्रष्टाचार की गुंजाइश को कम करती है और जवाबदेही तय करती है।
"हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाओं को सुनिश्चित करना है। हम गैर-अनुपालन करने वाली संस्थाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध हैं," - तुकाराम मुंडे।
निरीक्षणों के दौरान मिली कमियों में बैच मैन्युफैक्चरिंग रिकॉर्ड (BMR) में विसंगतियां, तकनीकी कर्मियों की अनुपस्थिति, और मानक गुणवत्ता (NSQ) वाली दवाओं का उत्पादन प्रमुख रहे हैं। रक्त केंद्रों के निरीक्षण में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जैसे कि एक्सपायर्ड ब्लड बैग का अनुचित भंडारण और ट्रेसबिलिटी की कमी।
बिक्री प्रतिष्ठानों के मामले में, बिना फार्मासिस्ट की देखरेख के दवा बेचना, बिना बिल के लेनदेन करना और इंसुलिन जैसे तापमान-संवेदनशील उत्पादों का गलत भंडारण जैसी गंभीर खामियां पाई गईं। मुंडे का जोर इस बात पर है कि केवल लोकप्रिय होना लक्ष्य नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना असली उद्देश्य है।
| मेट्रिक (त्रैमासिक) | 2025-26 का औसत | जून-अगस्त 2026 | वृद्धि (%) |
|---|---|---|---|
| प्राप्त शिकायतें | 212.5 | 1,397 | ~557% |
| शिकायत जांच | 193.25 | 924 | ~378% |
| जब्ती मूल्य (करोड़ में) | ₹3.41 | ₹11.41 | ~234% |
Frequently Asked Questions
1. तुकाराम मुंडे ने FDA में क्या मुख्य बदलाव किए हैं?
मुंडे ने शिकायत निवारण प्रणाली को स्वचालित किया है और निरीक्षणों की आवृत्ति और तीव्रता को बढ़ाया है।
2. निरीक्षणों में मुख्य रूप से किन कमियों को पाया गया?
मुख्य कमियों में गलत रिकॉर्ड रखना, बिना फार्मासिस्ट के दवा बेचना और खराब गुणवत्ता वाली दवाओं का निर्माण शामिल है।