नोएडा के ममूरा गांव में एक बहु-मंजिला आवासीय इमारत में लगी आग ने दो लोगों की जान ले ली और लगभग पचास किरायेदारों को सुरक्षित बाहर निकाला। जांच में ई‑साइकल को सामान्य सॉकेट में चार्ज करने को कारण माना गया, जिससे भवन मालिक को गिरफ्तार किया गया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • ई‑साइकल चार्जिंग से लगी आग
  • दो लोगों की मृत्यु, कई लोग बचाए
  • भवन मालिक को गिरफ्तार किया गया

नोएडा के ममूरा गांव में स्थित एक बहु‑मंजिला आवासीय इमारत में 27 अप्रैल को लगी तेज़ आग ने दो लोगों की जान ले ली और लगभग पचास किरायेदारों को सुरक्षित बाहर निकाला। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि आग का प्रारंभिक बिंदु ई‑साइकल के चार्जिंग के दौरान सामान्य विद्युत सॉकेट के उपयोग से जुड़ा हो सकता है।

आग का प्रारंभिक कारण और विस्तृत प्रभाव

इमारत के ग्राउंड फ़्लोर पर पार्क किए गए पेट्रोल‑ड्राइव वाहन भी आग में शामिल हो गए, जिससे एक व्यापक दहनशीलता उत्पन्न हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन को बिना विशेष चार्जिंग स्टेशन के सामान्य सॉकेट में चार्ज करना अत्यधिक जोखिमपूर्ण है, विशेषकर जब इमारत में कई निवासियों के लिए सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं होते।

भविष्य में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता

यह घटना भारत में शहरी आवासीय क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के लिए स्पष्ट मानकों की कमी को उजागर करती है। राष्ट्रीय विद्युत कोड (NEC) के तहत आवासीय इमारतों में विशेष EV चार्जिंग पॉइंट की अनिवार्यता पर चर्चा तेज़ हो रही है, क्योंकि वर्तमान में अधिकांश घरों में ऐसे बुनियादी ढांचे की कमी है।

कानूनी कार्रवाई और प्रतिक्रिया

आग के बाद पुलिस ने इमारत के मालिक, श्री अमन वर्मा, को सुरक्षा मानकों की उपेक्षा और अनधिकृत इलेक्ट्रिक चार्जिंग के कारण गिरफ्तार किया। न्यायिक जांच के दौरान यह भी पता चला कि इमारत में कई इलेक्ट्रिक सॉकेट पर ओवरलोडिंग की समस्या थी, जिससे आग लगने की संभावना बढ़ी।

स्थानीय प्रशासन और सार्वजनिक प्रतिक्रिया

नोएडा नगर निगम ने आपातकालीन सेवाओं की त्वरित प्रतिक्रिया की प्रशंसा की, जबकि नागरिकों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने हेतु कड़े नियामक उपायों की मांग की। कई निवासी अब अपने घरों में सुरक्षित EV चार्जिंग समाधान स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।