उपमुख्यमंत्री भाटी विक्रमरका ने भद्राद्री कोठागुड़ेम के मनुगुरु ओपन कास्ट खदान का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने कोयला गुणवत्ता, उत्पादन और भविष्य की आवश्यकताओं पर चर्चा की और सिंगरेंनी को नई कोयला ब्लॉकों के लिए समर्थन का आश्वासन दिया।
Key Takeaways
- उपमुख्यमंत्री ने मनुगुरु खदान का व्यक्तिगत निरीक्षण किया
- सरकार ने सिंगरेंनी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कदम उठाने का वादा किया
- कर्मचारियों ने तदिचर्ला कोयला ब्लॉक के आवंटन को सराहा
भाटी विक्रमरका का स्थल निरीक्षण
भाद्राद्री कोठागुड़ेम जिले में स्थित मनुगुरु ओपन कास्ट खदान में उपमुख्यमंत्री भाटी विक्रमरका ने शुक्रवार को विस्तृत फील्ड निरीक्षण किया। उन्होंने खदान के संचालन, कोयले की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता को स्वयं देख कर मूल्यांकन किया।
सिंगरेंनी के हितों पर फोकस
निरीक्षण के दौरान, विक्रमरका ने सिंगरेंनी कोलियरीज़ कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) के भविष्य को सुरक्षित करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को आगामी कोयला ब्लॉक नीलामी में सक्रिय भागीदारी और नई ब्लॉकों की प्राप्ति के निर्देश दिए।
कर्मचारियों की प्रतिक्रिया
अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों ने तदिचर्ला कोयला ब्लॉक के एससीसीएल को आवंटित होने पर खुशी जताई। साथ ही उन्होंने पीके ओपन कास्ट (ओसी) डिप साइड ब्लॉक को सिंगरेंनी को आवंटित करने की मांग की, जिससे उत्पादन लक्ष्य पूरे हो सकें।
इतिहासिक पृष्ठभूमि
मनुगुरु ओपन कास्ट खदान 1976 में शुरू हुई और तब से तेलंगाना राज्य की कोयला आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सिंगरेंनी कोलियरीज़, 1945 में स्थापित, राज्य की प्रमुख कोयला कंपनियों में से एक है और कई औद्योगिक परियोजनाओं को कोयला प्रदान करती है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that safeguarding Singareni’s interests directly impacts Telangana’s energy security and industrial growth, making the government’s commitment a strategic priority.
"सिंगरेंनी की स्थिरता राज्य की ऊर्जा नीति के लिए मूलभूत है," कहा ऊर्जा विशेषज्ञ डॉ. रजत कुमार ने।
Frequently Asked Questions
Q1: सिंगरेंनी को कौन से नए कोयला ब्लॉक मिलने की आशा है?
A: सरकार ने संकेत दिया है कि आगामी नीलामी में पीके ओपन कास्ट डिप साइड ब्लॉक सिंगरेंनी को आवंटित किया जाएगा।
Q2: मनुगुरु खदान की वर्तमान उत्पादन क्षमता क्या है?
A: वर्तमान में खदान लगभग 1.2 मिलियन टन कोयला प्रति वर्ष उत्पादन कर रही है, लेकिन यह आंकड़ा नई ब्लॉकों के जोड़ से बढ़ाने की योजना है।