ईरोड नगर निगम के पार्षदों ने वेन्दिपालयम कंपोस्ट यार्ड से होने वाले भूजल प्रदूषण के कारण इसे स्थानांतरित करने की मांग की है। निगम आयुक्त ने नए अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का हवाला देते हुए वैज्ञानिक प्रसंस्करण का आश्वासन दिया है।
मुख्य बातें
- पार्षदों ने वेन्दिपालयम कंपोस्ट यार्ड के कारण भूजल के पीले होने और प्रदूषण की शिकायत की है।
- निगम आयुक्त ने कहा कि नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 कचरे के वैज्ञानिक निपटान पर जोर देते हैं।
- शहर में प्रतिदिन लगभग 250 टन कचरा उत्पन्न होता है और नए वाहनों की योजना बनाई जा रही है।
- 24x7 पेयजल आपूर्ति परियोजना वर्तमान में छह वार्डों में पायलट आधार पर चल रही है।
ईरोड नगर निगम की हालिया बैठक में, पार्षदों ने वेन्दिपालयम कंपोस्ट यार्ड के स्थान परिवर्तन की पुरजोर मांग की। वार्ड 60 के पार्षद के. धन्डापणी ने आरोप लगाया कि पिछले 60 वर्षों से इस यार्ड में कचरा फेंका जा रहा है, जिससे निकलने वाला तरल (leachate) भूजल को प्रदूषित कर रहा है और पानी का रंग पीला हो गया है।
वैज्ञानिक समाधान और नए नियम
निगम आयुक्त अर्पित जैन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के तहत अब कचरे को स्रोत पर ही अलग करना (segregation) अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि गीले कचरे को बायोमेथेनेशन के माध्यम से संसाधित किया जाएगा और सूखे कचरे का पुनर्चक्रण (recycling) किया जाएगा। एक नया बायो-सीएनजी प्लांट भी स्वीकृत किया गया है जो जैविक कचरे को हरित ऊर्जा में बदलेगा।
वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और स्रोत पर पृथक्करण ही भविष्य में लैंडफिल साइटों पर दबाव कम करने का एकमात्र तरीका है।
बोजोकमीडिया विश्लेषण (BozokMedia analysis)
BozokMedia analysis shows कि ईरोड में कचरा प्रबंधन की समस्या केवल स्थान परिवर्तन से हल नहीं होगी, बल्कि इसके लिए बुनियादी ढांचे में बड़े निवेश और नागरिकों की भागीदारी की आवश्यकता है। पंचायतों के नगर निगम में विलय के बाद कचरे की मात्रा बढ़ने की संभावना है, जिसके लिए अतिरिक्त वाहनों की आवश्यकता होगी।
महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQ)
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: वेन्दिपालयम यार्ड से क्या समस्या है?
उत्तर: पार्षदों का दावा है कि यार्ड से निकलने वाले दूषित तरल के कारण आसपास का भूजल प्रदूषित और पीला हो गया है।
प्रश्न 2: निगम कचरे के प्रबंधन के लिए क्या कर रहा है?
उत्तर: निगम नए नियमों के तहत कचरे को अलग करने, बायो-सीएनजी प्लांट लगाने और कचरा उठाने के लिए नए वाहन खरीदने की योजना बना रहा है।