ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध लागू होने के तीन महीने बाद भी 80% से अधिक किशोर ऑनलाइन सक्रिय हैं। ई-सेफ्टी रिपोर्ट के अनुसार, तकनीकी कंपनियों द्वारा प्रभावी आयु सत्यापन न करने के कारण बच्चे नियमों को दरकिनार कर रहे हैं।
मुख्य बातें
- ऑस्ट्रेलियाई किशोरों में से 80% से अधिक अभी भी सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे हैं।
- तकनीकी कंपनियों द्वारा प्रभावी आयु सत्यापन (Age Verification) की विफलता मुख्य कारण है।
- प्रतिबंध के बावजूद बच्चों की दैनिक सोशल मीडिया उपयोग की दर में मामूली गिरावट आई है।
- सरकार ने कानून का बचाव करते हुए इसे 'राष्ट्रीय बहस का गेम चेंजर' बताया है।
ऑस्ट्रेलिया में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर लगाए गए ऐतिहासिक प्रतिबंध के तीन महीने बाद एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। देश के इंटरनेट नियामक, eSafety के अनुसार, 80% से अधिक किशोर अभी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं। रिपोर्ट बताती है कि तकनीकी कंपनियां आयु की जांच करने के लिए प्रभावी उपाय लागू करने में विफल रही हैं, जिससे बच्चे आसानी से नियमों को दरकिनार कर पा रहे हैं।
प्रतिबंध का प्रभाव और वास्तविकता
शुक्रवार को प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि 10 से 15 वर्ष की आयु के अधिकांश बच्चे मार्च में भी उतनी ही बार सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे थे, जितना वे प्रतिबंध लागू होने से पहले कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिबंध से पहले लगभग 86% बच्चे आयु-प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म का उपयोग करते थे, जो तीन महीने बाद भी 81% से ऊपर बना हुआ है। लगभग 58% किशोरों ने प्रतिदिन सोशल मीडिया उपयोग की बात स्वीकार की है, जो प्रतिबंध से पहले के 60% के लगभग बराबर है।
यह क्यों मायने रखता है
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि केवल कानून बना देना पर्याप्त नहीं है यदि तकनीकी बुनियादी ढांचा उसे लागू करने में सक्षम न हो। ऑस्ट्रेलिया का यह कदम दुनिया भर के लिए एक परीक्षण है। यदि तकनीक कंपनियां आयु सत्यापन में विफल रहती हैं, तो अन्य देशों द्वारा अपनाए जाने वाले इसी तरह के कानून भी केवल कागजों तक सीमित रह सकते हैं।
तकनीकी कंपनियों की ढिलाई और अपर्याप्त आयु सत्यापन प्रोटोकॉल ने इस प्रतिबंध की प्रभावशीलता को गंभीर रूप से बाधित कर दिया है।
बच्चों ने बताया कि लगभग आधे बच्चों ने अपने खाते बनाए रखे क्योंकि प्लेटफॉर्म ने उनकी आयु की जांच नहीं की। कुछ ने खातों में गलत आयु दर्ज की, जबकि अन्य के मामले में आयु-जांच प्रणाली ने गलत तरीके से उन्हें 16 वर्ष से अधिक आयु का मान लिया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
ऑस्ट्रेलिया ने बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया के हानिकारक प्रभावों की चिंता के कारण दुनिया का पहला सोशल मीडिया प्रतिबंध लागू किया था। यह कानून 10 दिसंबर, 2025 को प्रभावी हुआ था, जिसका उद्देश्य बच्चों को डिजिटल जोखिमों से बचाना था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: बच्चे प्रतिबंध को कैसे दरकिनार कर रहे हैं?
उत्तर: मुख्य रूप से तकनीकी कंपनियों द्वारा प्रभावी आयु सत्यापन (Age Verification) न करने और गलत आयु जानकारी दर्ज करने के कारण।
प्रश्न 2: सरकार का इस पर क्या रुख है?
उत्तर: सरकार का तर्क है कि भले ही शत-प्रतिशत अनुपालन न हो, लेकिन इस कानून ने माता-पिता के बीच एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बहस शुरू की है।