केरल सरकार ने कल्याणकारी पेंशन वितरण के लिए 'डोरस्टेप डिलीवरी' (DTH) मॉडल को समाप्त कर पूरी तरह से 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) अपनाने का निर्णय लिया है। यह कदम CAG की तीन साल पुरानी चेतावनियों और वित्तीय अनियमितताओं के बाद उठाया गया है।

मुख्य बातें

  • केरल सरकार अब पेंशन के लिए केवल DBT (Direct Benefit Transfer) मोड का उपयोग करेगी।
  • CAG ने डोरस्टेप डिलीवरी (DTH) प्रणाली में धोखाधड़ी और पारदर्शिता की कमी की चेतावनी दी थी।
  • सरकार अब तक पेंशन वितरण एजेंटों को करोड़ों रुपये का प्रोत्साहन (incentive) दे रही थी।
  • पूरी तरह से बिस्तर पर पड़े मरीजों को छोड़कर अन्य सभी को आधार-लिंक्ड बैंक खातों के माध्यम से भुगतान किया जाएगा।

तिरुवनंतपुरम: केरल सरकार ने सामाजिक सुरक्षा और कल्याण कोष पेंशन के वितरण के लिए पूरी तरह से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) मोड में स्थानांतरित होने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह निर्णय नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा तीन साल पहले 'डायरेक्ट-टू-होम' (DTH) वितरण प्रणाली में पाई गई खामियों के बाद लिया गया है।

वित्त विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि केरल सरकार प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के माध्यम से घर-घर पेंशन पहुंचाने वाले एजेंटों को प्रोत्साहन राशि के रूप में हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर रही थी। वर्ष 2024-25 में इस प्रोत्साहन राशि पर ₹34.11 करोड़ खर्च किए गए थे।

क्यों महत्वपूर्ण है यह निर्णय?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह बदलाव केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य था। CAG ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया था कि PACS के माध्यम से की जाने वाली डोरस्टेप डिलीवरी वास्तव में DBT नहीं है क्योंकि पैसा सीधे पेंशनभोगी के खाते में नहीं जाता है।

CAG की रिपोर्ट में पाया गया था कि एजेंटों द्वारा केवल हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान लिए जाते थे, जिससे धोखाधड़ी की संभावना बढ़ जाती थी। यहाँ तक कि कुछ मामलों में पेंशनभोगी की मृत्यु के बाद भी भुगतान जारी रहने जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं।

पारदर्शिता की कमी और एजेंटों पर अत्यधिक निर्भरता ने सरकारी खजाने पर बोझ डाला है, जिसे DBT के माध्यम से ही ठीक किया जा सकता है।

अब, 27 जुलाई 2026 के वित्त विभाग के आदेश के अनुसार, केवल उन लाभार्थियों को छोड़कर जो पूरी तरह से बिस्तर पर पड़े (bed-ridden) हैं, सभी को उनके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में ₹2,000 की मासिक पेंशन सीधे भेजी जाएगी।

वित्तीय विवरण: प्रोत्साहन राशि का इतिहास

वर्षप्रोत्साहन राशि (करोड़ में)
2016-17₹11.79
2020-21₹50.61
2023-24₹34.11
क्या आप जानते हैं?: केरल में लगभग 60 लाख लोग हर महीने सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या बिस्तर पर पड़े मरीजों को भी DBT के तहत पैसा मिलेगा?
नहीं, सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो मरीज पूरी तरह से बिस्तर पर हैं, उन्हें विशेष छूट दी जाएगी।

2. पहले पेंशन कैसे वितरित की जाती थी?
पहले PACS के माध्यम से एजेंट घर-घर जाकर नकद या अन्य माध्यमों से पेंशन देते थे।