मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चेतावनी दी है कि एल नीनो के प्रभाव से इस सीजन में बारिश में 39% की भारी कमी आ सकती है। जलाशयों का जलस्तर गिरने के कारण पीने के पानी की आपूर्ति को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य बातें

  • एल नीनो के कारण इस सीजन में 39% कम बारिश होने का अनुमान है।
  • अगस्त महीने में वर्षा में 56% तक की भारी गिरावट आ सकती है।
  • जलाशयों में पानी का स्तर पिछले साल की तुलना में काफी कम हो गया है।
  • मुख्यमंत्री ने पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को एक गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा कि इस सीजन में सामान्य स्तर की तुलना में वर्षा में 39% की कमी आ सकती है। एल नीनो (El Niño) के प्रभाव के चलते स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है, क्योंकि अकेले अगस्त महीने में वर्षा में 56% की भारी गिरावट दर्ज होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने 'जलधारा जला आरती' की समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि राज्य में जून से दिसंबर के बीच सामान्यतः 867 मिमी वर्षा होती है, लेकिन वर्तमान अनुमानों के अनुसार इस साल केवल 525 मिमी वर्षा होने की उम्मीद है। यह कमी न केवल कृषि बल्कि पीने के पानी के संकट को भी जन्म दे सकती है।

बोजोकमीडिया विश्लेषण (BozokMedia Analysis)

बोजोकमीडिया विश्लेषण से पता चलता है कि एल नीनो का प्रभाव न केवल बारिश को कम कर रहा है, बल्कि यह राज्य के जल प्रबंधन ढांचे पर भी भारी दबाव डाल रहा है। जलाशयों में पानी का स्तर पिछले साल के 825.67 TMC ft से घटकर अब केवल 563.05 TMC ft रह गया है, जो एक गंभीर संकेत है।

एल नीनो का प्रभाव केवल मानसून तक सीमित नहीं है, यह भूजल स्तर और दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती है।

नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे वेलिगोडु, गोराकल्लू, ओक, जीदीपल्ली और चेरलपल्ली जैसे महत्वपूर्ण जलाशयों में पीने के पानी का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करें। उन्होंने नागार्जुन सागर नहरों के माध्यम से विभिन्न जिलों में पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता देने को कहा है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

एल नीनो एक जलवायु घटना है जो प्रशांत महासागर के सतही जल के गर्म होने से होती है, जिसका सीधा असर दक्षिण एशियाई मानसून पर पड़ता है। पिछले कुछ दशकों में, एल नीनो के वर्षों में भारत और विशेष रूप से दक्षिण भारत के राज्यों में सूखे की स्थिति देखी गई है।

क्या आप जानते हैं?: एल नीनो के कारण भारत में मानसून का पैटर्न पूरी तरह से बदल जाता है, जिससे अक्सर अत्यधिक गर्मी और कम बारिश होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. वर्षा में कितनी कमी आने की संभावना है?
इस सीजन में कुल वर्षा में 39% की कमी और अगस्त में 56% की कमी आने का अनुमान है।

2. सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
सरकार 'जलधारा' योजना के तहत टैंकों की खुदाई और नहरों के निर्माण जैसे कार्यों को तेजी से पूरा कर रही है ताकि जल संरक्षण किया जा सके।