झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते को CID ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर ब्लैकलिस्टेड कंपनी को ठेका देने और करोड़ों की रिश्वत लेने के गंभीर आरोप हैं।

वीडियो लोड हो रहा है...

मुख्य बिंदु

  • JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते को CID द्वारा गिरफ्तार किया गया।
  • ब्लैकलिस्टेड कंपनी TDPL को परीक्षा संचालन का ठेका देने का आरोप।
  • 2 करोड़ रुपये की रिश्वत और 20% कमीशन मांगने के दावे।
  • छात्रों द्वारा परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन।

रांची: झारखंड की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) के विवादित पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते को CID ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई राज्य भर में छात्रों द्वारा किए जा रहे उग्र आंदोलनों और परीक्षा धांधली के आरोपों के बीच की गई है। गौरतलब है कि खियांग्ते ने 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से वे जांच एजेंसियों के रडार पर थे।

जांच के अनुसार, एल. खियांग्ते पर सबसे गंभीर आरोप यह है कि उन्होंने 14वीं सिविल सेवा परीक्षा आयोजित करने के लिए TSR Data Processing Limited (TDPL) नामक कंपनी का चयन किया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस कंपनी को पहले ही JSSC द्वारा अनियमितताओं के कारण ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था। इसके बावजूद, बिना किसी उचित बैकग्राउंड चेक के इस एजेंसी को ठेका दिया गया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मामला केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि गहरे भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। जब राज्य की सबसे प्रतिष्ठित भर्ती संस्था के प्रमुख ही नियमों की अनदेखी करें, तो पूरी चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता समाप्त हो जाती है। यह गिरफ्तारी राज्य सरकार द्वारा छात्रों के आक्रोश को शांत करने और पारदर्शिता का संदेश देने की एक कोशिश है।

"भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी न केवल योग्य उम्मीदवारों का भविष्य बर्बाद करती है, बल्कि पूरे लोकतांत्रिक ढांचे के प्रति विश्वास को कम करती है।"

इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोप और भी गहरे हैं। TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी ने दावा किया है कि खियांग्ते ने ठेका देने के बदले 2 करोड़ रुपये की रिश्वत और प्रत्येक भुगतान पर 20% कमीशन की मांग की थी। हालांकि, CID ने अभी तक इन वित्तीय लेन-देन की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

विवरण आरोप/स्थिति
मुख्य आरोपी एल. खियांग्ते (पूर्व चेयरमैन)
संबंधित कंपनी TDPL (ब्लैकलिस्टेड)
आरोप रिश्वतखोरी और नियमों का उल्लंघन
वर्तमान स्थिति CID द्वारा गिरफ्तार
क्या आप जानते हैं? एल. खियांग्ते केवल JPSC के चेयरमैन ही नहीं, बल्कि झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव भी रह चुके हैं, जिससे इस मामले का प्रभाव और भी गंभीर हो गया है।

Frequently Asked Questions

1. एल. खियांग्ते को क्यों गिरफ्तार किया गया?
उन पर JPSC की परीक्षाओं में धांधली करने और ब्लैकलिस्टेड कंपनी TDPL को अनुचित लाभ पहुँचाने का आरोप है।

2. छात्रों की मुख्य मांग क्या है?
प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि ब्लैकलिस्टेड कंपनी TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं तुरंत रद्द की जाएं।