भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ झारखंड के हजारों छात्रों ने विधानसभा का घेराव किया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को हिरासत में लिया गया और भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो एम्बुलेंस से मार्च में शामिल हुए।

मुख्य बिंदु

  • भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ छात्रों का 17 दिनों से जारी प्रदर्शन।
  • पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और अन्य भाजपा नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
  • 9 दिनों से उपवास पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो स्ट्रेचर और एम्बुलेंस के जरिए मार्च में शामिल हुए।
  • रांची में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 1,500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात।

रांची में सोमवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब हजारों की संख्या में छात्र 'विधानसभा घेराव' मार्च के लिए सड़कों पर उतरे। यह विरोध प्रदर्शन कथित भर्ती परीक्षा अनियमितताओं, विशेष रूप से JSSC-CGL परीक्षाओं के खिलाफ है। प्रदर्शनकारियों ने पुराने विधानसभा परिसर (धुर्वा) से मार्च शुरू किया और नए विधानसभा भवन की ओर कूच किया।

इस आंदोलन ने राजनीतिक मोड़ ले लिया है जब पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने छात्रों का समर्थन किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। वहीं, JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो, जिन्होंने पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल की है और जिनका वजन 10.5 किलोग्राम कम हो गया है, एम्बुलेंस और पालकी के माध्यम से इस मार्च का हिस्सा बने।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह विरोध केवल परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य सरकार की प्रशासनिक विफलता और युवाओं के भविष्य के प्रति असुरक्षा को दर्शाता है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के 51वें जन्मदिन के दिन इस बड़े विरोध प्रदर्शन का होना सरकार के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती पेश करता है।

"जब युवाओं का भरोसा सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं से उठ जाता है, तो वह सड़क पर उतरकर लोकतंत्र की जवाबदेही मांगता है।"

सुरक्षा व्यवस्था की बात करें तो, रांची पुलिस ने विधानसभा के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है। 1,500 से अधिक RAF, IRB और QRT जवानों को तैनात किया गया है। कई स्कूलों को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है। दूसरी ओर, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने उन भाजपा विधायकों की आलोचना की जो सदन में प्रश्न तो उठाते हैं लेकिन चर्चा के दौरान अनुपस्थित रहते हैं।

क्या आप जानते हैं?: यह छात्र आंदोलन अपने 17वें दिन में प्रवेश कर चुका है, जो झारखंड में हाल के वर्षों के सबसे लंबे समय तक चलने वाले छात्र विरोध प्रदर्शनों में से एक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: छात्र मुख्य रूप से किस बात की मांग कर रहे हैं?
छात्र भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का आरोप लगा रहे हैं और आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

प्रश्न 2: प्रशासन ने सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं?
रांची पुलिस ने विधानसभा क्षेत्र में बैरिकेडिंग की है, निषेधाज्ञा लागू की है और 1,500 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है।