भारत के एकीकृत भुगतान इंटरफ़ेस (UPI) ने अब 11 देशों में अपनी सेवाएँ शुरू कर दी हैं और जुलाई में कुल लेन‑देनों का मूल्य 29.87 लाख करोड़ रुपये पहुँच गया। यह विस्तार भारत के डिजिटल भुगतान मॉडल की वैश्विक स्वीकृति को दर्शाता है।
- UPI ने 11 देशों में सेवाएँ शुरू कीं
- जुलाई में लेन‑देनों का मूल्य 29.87 लाख करोड़ रुपये
- 2024 में वैश्विक रीयल‑टाइम भुगतान में 49% हिस्सेदारी
राष्ट्रभरणीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा विकसित यूनिफ़ाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) ने अपना अंतरराष्ट्रीय दायरा 11 देशों तक बढ़ा दिया है, जिसमें भूटान, नेपाल, सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, श्रीलंका, मॉरीशस, क़तर, कंबोडिया, ग्रीस और मालदीव शामिल हैं। सरकारी बयान के अनुसार, जुलाई महीने में ही इस प्लेटफ़ॉर्म पर कुल लेन‑देनों का मूल्य 29.87 लाख करोड़ रुपये रहा।
UPI ने पिछले दशक में 12,000‑गुना वृद्धि दर्ज की है और यह भारत के डिजिटल भुगतान इको‑सिस्टम की रीढ़ बन गया है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की जून 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में UPI ने वैश्विक रीयल‑टाइम भुगतान में लगभग 49% हिस्सेदारी हासिल की, जो इसकी अंतर-संचालक (interoperable) शक्ति को दर्शाता है।
UPI के इस विस्तार में कई प्रमुख पहलुओं का योगदान रहा है: 2020‑2022 में AutoPay, 123PAY, और UPI Lite जैसी सुविधाएँ लॉन्च की गईं, जिससे विभिन्न उपयोगकर्ताओं को आसान भुगतान समाधान मिल सके। 2024 में UPI Circle ने डेलीगेटेड भुगतान को सक्षम किया, जबकि RBI ने कर भुगतान सीमा को 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया।
2025 में UPI ने ऑन‑डिवाइस बायोमैट्रिक और आधार‑आधारित फ़ेस ऑथेंटिकेशन जोड़े, जिससे सुरक्षा और उपयोगिता दोनों में सुधार हुआ। ये तकनीकी उन्नयन प्लेटफ़ॉर्म को न केवल घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिस्पर्धी बनाते हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार न केवल भारतीय प्रवासियों के लिए सस्ती रेमिटेंस विकल्प प्रदान करता है, बल्कि वैश्विक वित्तीय प्रणाली में भारत की डिजिटल पहचान को भी सुदृढ़ करता है। यह विकास भारत की डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे (Digital Public Infrastructure) को एक मॉडल के रूप में स्थापित करता है, जिससे अन्य विकासशील देशों के लिए भी समान मॉडल अपनाने की संभावना बढ़ती है।
"UPI का वैश्विक विस्तार भारत को डिजिटल भुगतान में नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करता है," वित्तीय विशेषज्ञ डॉ. अनीता शर्मा ने कहा।
Frequently Asked Questions
Q1: UPI किन देशों में अब उपलब्ध है?
A: भूटान, नेपाल, सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, श्रीलंका, मॉरीशस, क़तर, कंबोडिया, ग्रीस और मालदीव।
Q2: जुलाई में UPI के लेन‑देनों का कुल मूल्य कितना था?
A: लगभग 29.87 लाख करोड़ रुपये।