अपने परिवार के सदस्यों को जहरीले मशरूम खिलाकर मारने की दोषी एरिन पैटरसन अब अपनी सजा को चुनौती दे रही है, जबकि अभियोजन पक्ष उसे कभी रिहा न करने की मांग कर रहा है।

  • एरिन पैटरसन ने 2023 के ट्रिपल मर्डर केस में अपनी उम्रकैद की सजा के खिलाफ अपील की है।
  • बचाव पक्ष का दावा है कि जूरी और अभियोजन पक्ष का एक ही होटल में रुकना निष्पक्ष सुनवाई के खिलाफ था।
  • सरकारी वकील अब 33 साल बाद पैरोल मिलने के प्रावधान को हटाने की मांग कर रहे हैं।

एक साल पहले दुनिया को झकझोर देने वाले मुकदमे के बाद, ऑस्ट्रेलिया की कुख्यात 'मशरूम किलर' एरिन पैटरसन एक बार फिर अदालत के सामने हैं। पैटरसन, जिन्हें अपने तीन रिश्तेदारों की हत्या और एक अन्य को मारने की कोशिश के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, अब अपनी दोषसिद्धि को पलटने की कोशिश कर रही हैं।

यह मामला 2023 का है जब विक्टोरिया के लियोनगाथा में पैटरसन ने अपने घर पर 'बीफ वेलिंगटन' परोसा था, जिसमें घातक डेथ कैप मशरूम मिला हुआ था। इस भोजन के कारण उनके पूर्व ससुराल वालों, डॉन और गेल पैटरसन, और गेल की बहन हीथर विल्किंसन की मौत हो गई। चौथे व्यक्ति, इयान विल्किंसन, हफ्तों अस्पताल में रहने के बाद बच तो गए, लेकिन वे आज भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।

अपील के मुख्य आधार

पैटरसन की कानूनी टीम ने अपील के लिए सात आधार बताए हैं। सबसे चौंकाने वाला तर्क यह है कि जूरी के सदस्यों की गोपनीयता भंग हुई थी। मीडिया के भारी दबाव के कारण स्थानीय होटलों में जगह की कमी थी, जिसके चलते जूरी के सदस्यों को उसी होटल में रुकना पड़ा जहाँ अभियोजन पक्ष के सदस्य, पुलिस गवाह और पत्रकार ठहरे हुए थे। बचाव पक्ष का तर्क है कि यह एक 'मौलिक अनियमितता' है जिसने फैसले की निष्पक्षता को खत्म कर दिया।

इसके अलावा, बचाव पक्ष का कहना है कि अदालत ने कुछ सबूतों को गलत तरीके से स्वीकार किया, जैसे कि मोबाइल ट्रैकिंग डेटा और फेसबुक संदेश, जिनमें पैटरसन ने अपने पति के बारे में कड़वी बातें लिखी थीं। वहीं, उनका दावा है कि पैटरसन के मशरूम इकट्ठा करने के शौक से जुड़े सबूतों को खारिज कर दिया गया, जो यह साबित कर सकते थे कि यह केवल एक दुखद दुर्घटना थी।

उच्च-प्रोफाइल मामलों में न्यायिक प्रोटोकॉल की मामूली चूक भी अपील का एक मजबूत आधार बन जाती है, जो कानून की बारीकियों को दर्शाती है।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह मामला केवल एक अपराधी की अपील नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-प्रोफाइल ट्रायल के दौरान आने वाली लॉजिस्टिक चुनौतियों को उजागर करता है। यदि अदालत यह मानती है कि जूरी और अभियोजन पक्ष का एक साथ रहना गलत था, तो यह भविष्य के कई बड़े मामलों के लिए एक मिसाल बन सकता है।

दूसरी ओर, लोक अभियोजन विभाग (DPP) सजा की अवधि को लेकर अपील कर रहा है। न्यायाधीश ने पैटरसन को 33 साल बाद पैरोल के लिए आवेदन करने की अनुमति दी थी, जिसे अभियोजन पक्ष 'पूरी तरह अपर्याप्त' बता रहा है। उनका तर्क है कि तीन लोगों की हत्या करने वाली महिला को कभी रिहा नहीं किया जाना चाहिए।

बचाव पक्ष का तर्क अभियोजन पक्ष का रुख
होटल साझा करने से जूरी प्रभावित हुई। संपर्क का कोई सबूत नहीं मिला।
मशरूम शौक के सबूतों को नजरअंदाज किया गया। हत्या का इरादा स्पष्ट था।
सुनवाई 'अनुचित और दमनकारी' थी। सजा बहुत कम है (पैरोल नहीं मिलनी चाहिए)।
क्या आप जानते हैं?: डेथ कैप मशरूम (Amanita phalloides) दुनिया के सबसे जहरीले मशरूमों में से एक है, जिसे अक्सर गलती से खाने योग्य मशरूम समझ लिया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. एरिन पैटरसन का पति इस हमले में कैसे बच गया?
साइमन पैटरसन ने अंतिम समय में लंच में आने से मना कर दिया था, क्योंकि उन्हें संदेह था कि उनकी पत्नी पिछले कई वर्षों से उन्हें जहर देने की कोशिश कर रही है।

2. डेम फिलिस फ्रॉस्ट सेंटर क्या है?
यह मेलबर्न के बाहरी इलाके में स्थित एक अधिकतम सुरक्षा वाली महिला जेल है, जहाँ खतरनाक अपराधियों को रखा जाता है।