प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में 410 किमी लंबी नई रेलवे लाइनों के निर्माण को मंजूरी दी है। यह परियोजना 2030-31 तक पूरी होने की उम्मीद है।

  • कुल निवेश: ₹9,450 करोड़
  • प्रभावित राज्य: पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश
  • कुल अतिरिक्त ट्रैक क्षमता: लगभग 410 किमी
  • लाभान्वित जनसंख्या: लगभग 60 लाख लोग (6,448 गाँव)
  • लक्ष्य वर्ष: 2030-31

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। कैबिनेट ने चार प्रमुख राज्यों में रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं के लिए ₹9,450 करोड़ के निवेश को मंजूरी दे दी है। यह कदम देश की लॉजिस्टिक क्षमता और यात्री गतिशीलता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

इन परियोजनाओं का विस्तार पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के आठ जिलों में किया जाएगा। योजना के तहत लगभग 410 किमी अतिरिक्त ट्रैक क्षमता जोड़ी जाएगी, जिससे मौजूदा रेल मार्गों पर भीड़भाड़ कम होगी और ट्रेनों की परिचालन दक्षता में सुधार होगा। इन परियोजनाओं को PM-Gati Shakti National Master Plan के तहत एकीकृत योजना के रूप में विकसित किया गया है।

परियोजनाओं का विस्तृत विवरण

रेलवे मंत्रालय द्वारा जारी विवरण के अनुसार, मुख्य परियोजनाओं में शामिल हैं: खड़गपुर और भद्रक के बीच 173 किमी लंबी चौथी लाइन; भद्रक और हरिदासपुर के बीच 75 किमी की चौथी लाइन; गुम्मिडीपुंडी और गुडूर के बीच 90 किमी की तीसरी और चौथी लाइन; तथा कटक और पारादीप के बीच 72 किमी की तीसरी और चौथी लाइन।

यह निवेश न केवल यात्री यात्रा को सुगम बनाएगा, बल्कि औद्योगिक गलियारों के लिए जीवन रेखा का काम करेगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विस्तार केवल यात्री सुविधा तक सीमित नहीं है। यह परियोजना कोयला, लौह अयस्क, सीमेंट, स्टील और खाद्यान्न जैसे महत्वपूर्ण माल की ढुलाई के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगी। इससे प्रति वर्ष लगभग 76 मिलियन टन (MTPA) अतिरिक्त माल ढुलाई (Freight Traffic) उत्पन्न होने की उम्मीद है।

इसके अलावा, यह परियोजना पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। इससे भितरकनिका नेशनल पार्क, पुलिकट झील और विभिन्न प्रसिद्ध मंदिरों जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी।

क्षेत्र/मार्गलाइन का प्रकारलंबाई (लगभग)
खड़गपुर - भद्रकचौथी लाइन173 किमी
भद्रक - हरिदासपुरचौथी लाइन75 किमी
गुम्मिडीपुंडी - गुडूरतीसरी और चौथी लाइन90 किमी
कटक - पारादीपतीसरी और चौथी लाइन72 किमी
Did You Know?: इन रेल परियोजनाओं से लगभग 6,448 गांवों के 60 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

Frequently Asked Questions

1. ये परियोजनाएं कब तक पूरी होंगी?
इन परियोजनाओं के 2030-31 तक पूरा होने की उम्मीद है।

2. किन राज्यों को सबसे अधिक लाभ होगा?
मुख्य रूप से ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को इसका लाभ मिलेगा।