केरल के इदुक्की जिले के एडमलमकुडी में सड़कों और पुलों की कमी के कारण आदिवासी समुदाय को मरीजों को बांस के स्ट्रेचर पर घने जंगलों और नदियों के पार ले जाना पड़ रहा है। हाल ही में एक महिला को इलाज के लिए 5 किमी से अधिक पैदल ले जाया गया।
- इदुक्की के एडमलमकुडी में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच के लिए मरीजों को घने जंगलों और नदियों के बीच से पैदल ले जाना पड़ता है।
- हाल ही में 33 वर्षीय राजथी को इलाज के लिए 5 किमी से अधिक दूर ले जाया गया।
- सड़कों और पुलों के निर्माण में देरी के कारण यह समस्या वर्षों से बनी हुई है।
केरल के इदुक्की जिले के एडमलमकुडी आदिवासी पंचायत में बुनियादी ढांचे की भारी कमी एक बार फिर सामने आई है। शनिवार, 22 अगस्त 2026 को, कीझवलयमपरकुडी बस्ती की 33 वर्षीय निवासी राजथी को तेज बुखार और सीने में दर्द के कारण बांस के बने अस्थायी स्ट्रेचर पर 5 किलोमीटर से अधिक की कठिन यात्रा करनी पड़ी। इस दौरान उन्हें मनालियार नदी को भी पार करना पड़ा ताकि वे एडमलमकुडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुँच सकें।
यह घटना कोई इकलौती नहीं है; पिछले एक महीने में ऐसी तीसरी घटना है। इससे पहले 12 अगस्त को 75 वर्षीय मलयप्पन को 10 किमी तक घने जंगल के रास्ते ले जाना पड़ा था, और 14 अगस्त को 50 वर्षीय पूमानी को भी इसी तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। यह स्थिति उस समय और भी हृदयविदारक हो जाती है जब आपातकालीन स्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाती।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि विकास के दावों के बावजूद, भारत के दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी कनेक्टिविटी अभी भी एक जीवन-मरण का प्रश्न बनी हुई है। सड़कों और पुलों का अभाव केवल असुविधा नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर मृत्यु दर को प्रभावित करता है।
कनेक्टिविटी का अभाव केवल परिवहन की समस्या नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर मानवाधिकार मुद्दा है जो स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को बाधित करता है।
एडमलमकुडी पंचायत अध्यक्ष बिनु एम. ने बताया कि नजावल में मनालियार नदी पर पुल न होने के कारण कई बस्तियां वाहनों की पहुंच से पूरी तरह कटी हुई हैं। यदि इस क्षेत्र में पुलों का निर्माण हो जाए, तो इरुप्पुकल्लू, मींकुथी, नेनमानल और अन्य बस्तियां सीधे सोसाइटीकुडी से जुड़ सकेंगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले वर्ष भी इसी तरह की दुखद घटनाएं हुई थीं। अगस्त 2025 में, 5 वर्षीय कार्तिक की तेज बुखार के कारण मृत्यु हो गई थी, क्योंकि उसके परिवार को उसे जंगल के रास्ते अस्पताल ले जाने में अत्यधिक समय लगा। दुख की बात यह रही कि परिवार को उसके शव को भी उसी स्ट्रेचर पर पैदल ही वापस लाना पड़ा था।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: एडमलमकुडी में मुख्य समस्या क्या है?
उत्तर: मुख्य समस्या सड़कों और पुलों की कमी है, जिसके कारण मरीजों को घने जंगलों और नदियों के माध्यम से स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ता है।
प्रश्न 2: सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए क्या कहा है?
उत्तर: पीडब्ल्यूडी (PWD) अधिकारियों के अनुसार, सड़क निर्माण कार्य ओणम के बाद शुरू करने और दिसंबर तक पूरा करने का आश्वासन दिया गया है।