इंडियन नेशनल लीग (INL) ने मंगलुरु को पलक्कड़ रेल मंडल से हटाकर मैसूरु मंडल के तहत लाने के रेलवे बोर्ड के फैसले का कड़ा विरोध किया है। पार्टी ने केरल के हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार और सभी सांसदों से एकजुट होने का आह्वान किया है।
- रेलवे बोर्ड मंगलुरु क्षेत्र को पलक्कड़ मंडल से हटाकर मैसूरु मंडल में स्थानांतरित करने की योजना बना रहा है।
- यह बदलाव 1 अक्टूबर से प्रभावी होने वाला है।
- INL ने इसे केरल के प्रति भारतीय रेलवे की लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा बताया है।
- मंगलुरु क्षेत्र पलक्कड़ मंडल के लगभग 75% माल ढुलाई यातायात का स्रोत है।
इंडियन नेशनल लीग (INL) ने रेलवे बोर्ड के उस विवादास्पद निर्णय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिसके तहत मंगलुरु क्षेत्र को दक्षिणी रेलवे के पलक्कड़ मंडल से हटाकर दक्षिण-पश्चिमी रेलवे के मैसूरु मंडल के अधीन करने का प्रस्ताव है। INL के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यह कदम केरल के आर्थिक और सामाजिक हितों के लिए हानिकारक होगा।
केरल के हितों पर मंडराता संकट
INL के प्रदेश अध्यक्ष अहमद देवर्कोविल और महासचिव कासिम इरिकूर ने रविवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि यह निर्णय ऐसे समय में लिया जा रहा है जब केरल के लोग रेलवे पर अपनी निर्भरता बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1 अक्टूबर से लागू होने वाला यह बदलाव राज्य में रेलवे विकास के लिए गंभीर परिणाम लेकर आएगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मंगलुरु क्षेत्र, जिसमें उल्लाल और पणंबूर शामिल हैं, पलक्कड़ मंडल का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस क्षेत्र से पलक्कड़ मंडल के कुल माल ढुलाई (freight traffic) का लगभग 75% हिस्सा आता है। इस क्षेत्र को अलग करने से मंडल की राजस्व क्षमता पर सीधा असर पड़ेगा।
यह निर्णय केरल के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि मंगलुरु चिकित्सा, शिक्षा और व्यापार के लिए केरल के लोगों का एक प्रमुख केंद्र है।
इतिहास गवाह है कि केरल ने पहले भी रेलवे के पुनर्गठन के कारण नुकसान झेला है। नेताओं ने याद दिलाया कि 2007 में सेलम मंडल के गठन के समय केरल ने पहले ही कई लाभदायक रेल मार्ग खो दिए थे।
राजनीतिक एकजुटता की आवश्यकता
INL ने मांग की है कि केरल के सभी मंत्रियों और सांसदों को इस मुद्दे पर एकजुट होकर केंद्र सरकार से बात करनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री वी.डी. सतीश से इस लड़ाई का नेतृत्व करने का आग्रह किया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को विभाजित नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के समक्ष केरल की चिंताओं को रखा जाना चाहिए।
Frequently Asked Questions
1. रेलवे बोर्ड का नया प्रस्ताव क्या है?
रेलवे बोर्ड मंगलुरु क्षेत्र को पलक्कड़ मंडल से हटाकर मैसूरु मंडल के अंतर्गत लाने की योजना बना रहा है।
2. यह निर्णय कब से लागू होगा?
प्रस्तावित बदलाव 1 अक्टूबर से प्रभावी होने की संभावना है।