तमिलनाडु ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि कावेरी जल के प्रॉ‑राटा formula के अनुसार 17.414 TMC की कमी है। कोर्ट ने राज्य को Cauvery Water Management Authority (CWMA) के साथ मुद्दा सुलझाने का निर्देश दिया।

  • तमिलनाडु ने 17.414 TMC जल की कमी बताई
  • सुप्रीम कोर्ट ने CWMA से समाधान माँगने को कहा
  • कर्नाटक की जल रिलीज़ को "स्वैच्छिक नहीं" कहा गया

नई दिल्ली (24 अगस्त 2026) – तमिलनाडु सरकार ने आज सुप्रीम कोर्ट में एक अतिरिक्त हलफनामा दायर किया, जिसमें कहा गया कि कर्नाटक ने कावेरी जल के प्रॉ‑राटा हिस्से को "स्वैच्छिक अनुपालन" नहीं किया।

न्यायाधीश विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाले बेंच ने राज्य को निर्देश दिया कि वह कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के साथ इस मुद्दे को उठाए। वरिष्ठ वकील सी.एस. वैद्यनाथन ने कहा कि CWMA ने तमिलनाडु को मिलने वाले प्रो‑राटा जल की दिशा‑निर्देश नहीं जारी किए हैं।

जल की कमी का आँकड़ा: वरिष्ठ वकील जी. उमापथी ने बताया कि 23 अगस्त तक प्रॉ‑राटा सूत्र के अनुसार जल की कमी 17.414 TMC (हज़ार मिलियन क्यूबिक फीट) थी। वर्तमान में कावेरी के जलाशयों में लगभग 78 TMC जल उपलब्ध है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

कावेरी जल विवाद का इतिहास 19वीं सदी से शुरू होता है, जब ब्रिटिश राज में प्रथम जल साझाकरण समझौते हुए थे। 2007 में स्थापित कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) को दोनों राज्यों के बीच जल वितरण को संतुलित करने का काम सौंपा गया था, परन्तु कई बार इसे लागू करने में बाधाएँ आई हैं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the unresolved water shortfall threatens agricultural output in Tamil Nadu, escalates inter‑state tensions, and could set a legal precedent for future river‑sharing disputes across India.

"कावेरी जल की समय पर और न्यायसंगत आपूर्ति न केवल कृषि को बचाएगी, बल्कि दोनों राज्यों के आर्थिक स्थिरता को भी सुनिश्चित करेगी," कहा जल विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह ने।
Did You Know?: कावेरी नदी का कुल प्रवाह लगभग 850 TMC है, जिसमें से लगभग 30 % जल दोनों राज्यों के बीच बाँटा जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) अब तक कोई निर्देश जारी कर चुका है?

उत्तर: अभी तक कोई आधिकारिक दिशा‑निर्देश जारी नहीं किया गया है; अदालत ने तमिलनाडु को CWMA के सामने अपना मुद्दा रखने का निर्देश दिया है।

प्रश्न 2: कर्नाटक ने जल रिलीज़ को "स्वैच्छिक" कहने के पीछे क्या कारण है?

उत्तर: कर्नाटक का तर्क है कि उसने अपने कबिनी जलाशय में पर्याप्त inflow के कारण जल उपलब्ध कराया, पर तमिलनाडु मानता है कि यह रिलीज़ प्रॉ‑राटा आवश्यकताओं को पूरा नहीं करती।