तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई के पास प्रस्तावित परिंदूर हवाईअड्डा को रद्द कर दिया, क्योंकि पर्यावरणीय चिंताओं और किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। नई स्थल खोज की प्रक्रिया अब शुरू होगी, जिससे राज्य की एयरपोर्ट योजनाएँ अनिश्चित रह गईं।
- परिंदूर हवाईअड्डा प्रोजेक्ट को 27,400 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट के साथ रद्द किया गया।
- एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने दलदल और रनवे निर्माण की व्यवहार्यता पर आपत्ति जताई।
- सरकार अब वैकल्पिक स्थल की तलाश में है, जिससे कृषि भूमि पर कम प्रभाव हो।
तमिलनाडु विधानसभा में आज शाम मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि चेन्नई के पास 5,746 हेक्टेयर भूमि में प्रस्तावित परिंदूर ग्रीनफ़ील्ड हवाईअड्डा प्रोजेक्ट को स्थगित कर दिया गया है। यह कदम एएआई (Airport Authority of India) द्वारा उठाए गए पर्यावरणीय चेतावनी और किसानों द्वारा किए गए बड़े पैमाने पर विरोध के बाद आया।
परियोजना का मुख्य उद्देश्य चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर बढ़ते यात्री दबाव को कम करना और राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को समर्थन देना था। लेकिन दलदल क्षेत्रों में निर्माण की संभावित बाधाओं ने योजना को जोखिमपूर्ण बना दिया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के अनुसार, 2022 में पहली बार परिंदूर को हवाईअड्डा स्थल के रूप में प्रस्तावित किया गया था, जिससे स्थानीय किसानों ने भूमि अधिग्रहण को लेकर विरोध rallies आयोजित किए थे। उस समय राज्य सरकार ने प्रोजेक्ट को तेज़ी से आगे बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन पर्यावरणीय मंजूरी में देरी और सामाजिक विरोध ने इसे जटिल बना दिया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि इस निर्णय का प्रभाव केवल राज्य की हवाई यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा; यह भारत के बुनियादी ढाँचे विकास में पर्यावरणीय नियमों की महत्ता को उजागर करता है और भविष्य में समान प्रोजेक्ट्स के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है।
"परिंदूर जैसे प्रोजेक्ट में पर्यावरणीय संतुलन और किसानों की आज़ादी को समझना विकास की असली कुंजी है," कहा कृषि नीति विशेषज्ञ डॉ. आर. विजय।
राजनीतिक विपक्ष ने इस कदम को "आर्थिक विकास में दशकों की देरी" का खतरा बताया, जबकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि वैकल्पिक स्थल की खोज से अधिक स्थायी और सामाजिक रूप से स्वीकृत समाधान मिल सकता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या नई हवाईअड्डा साइट के लिए कोई संभावित स्थान पहले से तय हैं?
उत्तर: सरकार ने अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई विकल्प नहीं बताया है; प्रक्रिया में पर्यावरणीय मूल्यांकन और किसानों से परामर्श शामिल होगा।
प्रश्न 2: इस रद्दीकरण से चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की क्षमता पर क्या असर पड़ेगा?
उत्तर: वर्तमान में क्षमता दबाव बना रहेगा, जिससे दीर्घकालिक समाधान के लिए वैकल्पिक परियोजनाओं की आवश्यकता स्पष्ट हुई है।