भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि बम्बिहा गैंग से जुड़े तीन अंतरराष्ट्रीय फरार मलेशिया से भारत में वापस लाए गए हैं। 2026 में ही भारतीय एजेंसियों ने 51 सख्त अपराधियों की डिपोर्टेशन को सफल बनाया।
- जसप्रीत सिंह, अजय सिंह और पवनदीप सिंह को मलेशिया से भारत में लाया गया।
- ये सभी बम्बिहा गैंग से जुड़े हैं और कई गंभीर अपराधों के आरोपी हैं।
- 2026 में कुल 51 सख्त अपराधियों की डिपोर्टेशन भारतीय एजेंसियों ने पूरी की।
वृहत्तर भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार, 24 अगस्त 2026 को बताया कि बम्बिहा गैंग से जुड़े तीन भगोड़े मलेशिया से भारत में डिपोर्ट कर पुलिस हिरासत में ले लिए गए हैं। इस कदम को भारतीय एजेंसियों की अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सुरक्षा तंत्र की मजबूत क्षमताओं का प्रमाण माना गया।
डिपोर्ट किए गए तीन लोगों के नाम हैं: जसप्रीत सिंह, अजय सिंह और पवनदीप सिंह। इन पर कई अपराधों के आरोप हैं, जिनमें लुधियाना में विफल ग्रेनेड हमला, सीमा पार हथियार और नशा तस्करी, तथा विभिन्न प्रकार की वसूली शामिल है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
बम्बिहा गैंग, जो पिछले दशक में उत्तर भारत में कई हिंसक घटनाओं के लिये जानी जाती है, ने सीमा पार अपराधों में विशेष भूमिका निभाई है। 2015 में इस गैंग को पहली बार अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा पहचान मिली थी, जब वे पाकिस्तान और मलेशिया के बीच हथियार तस्करी में संलग्न थे। तब से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस समूह को ख़त्म करने के लिये लगातार प्रयास किए हैं।
2024 में, भारतीय प्रवासी सुरक्षा एजेंसी ने मलेशिया में दो अन्य गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया था, लेकिन उन्हें वापस लाने में कई कानूनी अड़चनें आईं। 2026 तक, इन बाधाओं को दूर करने के लिये एक विशेष अंतर्राष्ट्रीय सहयोग समझौता किया गया, जिससे इस बार की डिपोर्टेशन संभव हो सकी।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that इस डिपोर्टेशन से बम्बिहा गैंग की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला में गंभीर व्यवधान आएगा और भारत की सीमा सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी। यह कदम भारत के 'सुरक्षित भारत' विज़न के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा नीति की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
"ऐसे उच्च प्रोफ़ाइल अपराधियों की त्वरित डिपोर्टेशन यह सिद्ध करता है कि भारत की अंतरराष्ट्रीय सहयोग क्षमता अब विश्व स्तर पर मान्य है," कहा सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. रवीन्द्र पांडे।
Frequently Asked Questions
Q: क्या बम्बिहा गैंग के अन्य सदस्य भी गिरफ्तार हुए हैं?
A: अभी तक केवल तीन सदस्य डिपोर्ट किए गए हैं, लेकिन जांच जारी है और अन्य संभावित गिरफ़्तारी की संभावना है।
Q: इन गिरफ्तारियों का भारत- मलेशिया संबंधों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
A: दोनों देशों ने इस सहयोग को पारस्परिक सुरक्षा के एक सकारात्मक कदम के रूप में सराहा है, जिससे द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे।