मुंबई नगर निगम (BMC) की कमिश्नर अश्विनी भिड़े साइबर अपराधियों का शिकार हो गईं। जालसाजों ने कूरियर के नाम पर कॉल फॉरवर्डिंग का इस्तेमाल कर उनका व्हाट्सएप एक्सेस हासिल कर लिया और उनके संपर्कों से पैसे मांगने लगे।

  • जालसाजों ने कॉल फॉरवर्डिंग कोड का उपयोग करके अश्विनी भिड़े का फोन एक्सेस किया।
  • व्हाट्सएप को हैक करने के लिए ओटीपी के बजाय वॉयस कॉल का सहारा लिया गया।
  • इस स्कैम का मुख्य केंद्र झारखंड-बिहार सीमा के पास का क्षेत्र बताया जा रहा है।
  • प्रभावित लोगों के संपर्कों से पैसे की मांग की जा रही है।

मुंबई नगर निगम (BMC) की कमिश्नर अश्विनी भिड़े हाल ही में एक बेहद चालाकी भरे 'कूरियर स्कैम' का शिकार हो गईं। साइबर अपराधियों ने न केवल उनके व्हाट्सएप अकाउंट पर नियंत्रण पा लिया, बल्कि उनके संपर्क सूची में मौजूद लोगों से पैसे की मांग करना भी शुरू कर दिया। यह घटना दर्शाती है कि कैसे डिजिटल युग में एक छोटी सी गलती बड़े वित्तीय संकट का कारण बन सकती है।

कैसे हुआ यह हमला?

मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, घटना शनिवार को शुरू हुई जब भिड़े को एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। उस व्यक्ति ने दावा किया कि वह एक पार्सल डिलीवर करने आया है। जब भिड़े ने कहा कि उन्होंने कोई ऑर्डर नहीं दिया है, तो जालसाज ने उन्हें अधिक जानकारी के लिए एक विशिष्ट नंबर पर कॉल करने को कहा।

जांच में सामने आया कि जालसाज ने एक विशेष कोड (*21* [मोबाइल नंबर] #) का उपयोग किया था। यह कोड वास्तव में कॉल फॉरवर्डिंग को सक्रिय करने का एक निर्देश है। जैसे ही भिड़े ने उस नंबर पर कॉल किया, उनकी सभी कॉल्स जालसाजों के नंबर पर फॉरवर्ड होने लगीं। इसके बाद, अपराधियों ने दूसरे फोन से उनके व्हाट्सएप में लॉगिन करने का प्रयास किया और ओटीपी के बजाय 'वॉयस कॉल' विकल्प का उपयोग किया। चूंकि कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय थी, इसलिए सत्यापन कॉल जालसाजों के पास पहुंच गई और उन्होंने आसानी से अकाउंट हैक कर लिया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह स्कैम केवल व्यक्तिगत चोरी नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक हस्तियों की विश्वसनीयता का फायदा उठाने की एक सोची-समझी साजिश है। अपराधी जानते हैं कि यदि कोई जाना-माना व्यक्ति अचानक पैसे मांगता है, तो लोग बिना सवाल किए मदद कर देते हैं।

साइबर अपराधी अक्सर वीकेंड का इंतजार करते हैं जब लोग काम में व्यस्त नहीं होते और प्रतिक्रिया देने में देरी कर सकते हैं।

अश्विनी भिड़े इस मामले में अन्य प्रमुख हस्तियों की सूची में शामिल हो गई हैं, जिनमें शिवसेना नेता शैना एनसी, एनसीपी नेता सुप्रिया सुले, और भाजपा नेता संबित पात्र जैसे नाम पहले ही इस स्कैम का शिकार हो चुके हैं। पुलिस के अनुसार, इस तरह की गतिविधियों का केंद्र झारखंड-बिहार सीमा का क्षेत्र है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले कुछ वर्षों में, भारत में 'सोशल इंजीनियरिंग' और 'कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम' में भारी वृद्धि देखी गई है। अपराधी अब तकनीकी खामियों के बजाय मानवीय मनोविज्ञान का उपयोग कर रहे हैं। पहले ओटीपी चोरी आम थी, लेकिन अब वॉयस कॉल फॉरवर्डिंग जैसे उन्नत तरीकों का उपयोग किया जा रहा है ताकि सुरक्षा घेरे को तोड़ा जा सके।

Did You Know?: यदि आपको लगता है कि आपका फोन हैक हो गया है या कॉल फॉरवर्ड हो रही है, तो तुरंत ##002# डायल करें। यह सभी कॉल फॉरवर्डिंग सेवाओं को तुरंत बंद कर देता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: यदि मेरा व्हाट्सएप हैक हो जाए तो मुझे क्या करना चाहिए?
उत्तर: तुरंत अपने व्हाट्सएप को फिर से लॉग इन करने का प्रयास करें और अपने सभी संपर्कों को सूचित करें कि आपका अकाउंट हैक हो गया है।

प्रश्न 2: कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम से कैसे बचें?
उत्तर: कभी भी किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए कोड को डायल न करें और अपने फोन की कॉल फॉरवर्डिंग सेटिंग्स की नियमित जांच करें।