भारत में युवा बेरोजगारी की वास्तविक तस्वीर उजागर हुई है, जहाँ रोजगार दर गिरने के बावजूद बड़ी संख्या में युवा शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण से बाहर हैं। यह लेख इस छिपे संकट की जड़ें, नौकरी की गुणवत्ता और आँकड़ों की सीमाओं का विश्लेषण करता है।

  • उम्र 15‑29 के 10% युवा अभी भी बेरोजगार हैं।
  • ग्रेजुएट्स में बेरोजगारी 40% तक पहुँची है।
  • नौकरी की संख्या बढ़ी, पर अधिकांश कृषि या कम वेतन वाले क्षेत्रों में हैं।

परिचय

भारत सरकार अक्सर राष्ट्रीय बेरोजगारी दर (UER) को दर्शाकर रोजगार की सकारात्मक तस्वीर पेश करती है। हालाँकि, UER केवल कुल श्रम बल के भीतर बेरोजगारी को मापता है, जिससे युवा वर्ग की वास्तविक स्थिति छिपी रह जाती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले दो दशकों में भारत ने नौकरी सृजन के बड़े वादे किए हैं, लेकिन 1990 के दशक से ही NEET (नॉट इन एजुकेशन, एम्प्लॉयमेंट, या ट्रेनिंग) की समस्या बनी हुई है। 2000‑2005 के दौरान आर्थिक उदारीकरण ने औद्योगिक रोजगार को घटाया, जबकि शिक्षा प्रणाली ने पर्याप्त कौशल प्रशिक्षण नहीं दिया।

युवा बेरोजगारी: एक बढ़ता खतरा

प्लैटफ़ॉर्म लेबर फ़ोर्स सर्वे (PLFS) के अनुसार, 15‑29 वर्ष की आयु वर्ग में बेरोजगारी 2017‑18 में लगभग 18% थी, जो 2022‑23 में 10% तक घट गई, पर तब से स्थिर रह गई है। ग्रेजुएट्स के बीच यह दर लगभग 40% तक पहुँच गई, जिसका अर्थ है कि 4 में से 1 युवा स्नातक नौकरी नहीं पा रहा है।

नौकरी की गुणवत्ता बनाम मात्रा

2025 तक भारत की कार्यशक्ति 61 करोड़ तक बढ़ी, पर नई नौकरियों का 48% कृषि क्षेत्र में है। महिला श्रमिकों की भागीदारी दुगुनी हुई, पर अधिकांश कम वेतन वाले स्वरोज़गार या खुद‑रोज़गार में हैं, जिससे आय में स्थिरता का मुद्दा उभरता है।

डेटा की सीमाएँ और UER की मिथ्याएँ

रोज़ा एब्राहम, एपीयू की अर्थशास्त्र एसोसिएट प्रोफेसर, बताती हैं कि कई महिलाएँ और ग्रामीण युवा श्रम सर्वे में नौकरी की तलाश के रूप में नहीं दर्ज होते, जिससे वास्तविक बेरोजगारी दर अधिक हो सकती है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that ignoring the NEET segment hampers India's demographic dividend, risks social unrest, and undermines long‑term economic growth.

“यदि हम NEET युवा को श्रम बल में नहीं जोड़ पाए, तो भारत की आर्थिक संभावनाएं सीमित रह जाएँगी,” कहा आर्थिक विशेषज्ञ ने।
Did You Know?: 1990‑2000 के दशक में भारत में NEET की दर 20% से अधिक थी, जो आज के 12% से दो गुना है।

Frequently Asked Questions

Q1: क्या NEET युवा को नौकरी की तलाश में नहीं माना जाता?
A: नहीं, कई युवा श्रम सर्वे में नौकरी की खोज दर्शाने के कारण नहीं आते, जिससे UER कम दिखता है।

Q2: सरकार किन नीतियों से NEET समस्या को हल कर सकती है?
A: कौशल‑आधारित प्रशिक्षण, व्यावसायिक शिक्षा में निवेश, और कृषि‑आधारित रोजगार को उच्च वेतन वाले क्षेत्रों में परिवर्तित करना आवश्यक है।