नुजविद के प्रसिद्ध वीणा निर्माता शेख माबू साहेब ने मुसुनुरु में एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन को पारंपरिक वीणा का एक शानदार लघु मॉडल भेंट किया। इस भेंट ने आंध्र प्रदेश की समृद्ध संगीत विरासत और पारंपरिक हस्तशिल्प को बचाने की आवश्यकता को फिर से रेखांकित किया है।
- प्रसिद्ध वीणा निर्माता शेख माबू साहेब ने उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन को एक हस्तनिर्मित लघु वीणा भेंट की।
- यह कार्यक्रम एलुरु जिले के मुसुनुरु में आयोजित किया गया था, जहां राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी उपस्थित थे।
- शेख माबू का परिवार पिछले आठ दशकों से अधिक समय से इस पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्र के निर्माण में लगा हुआ है।
आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले के मुसुनुरु में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक अनूठा नजारा देखने को मिला। नुजविद के प्रसिद्ध वीणा निर्माता शेख माबू साहेब ने भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन को अपने हाथों से तैयार की गई पारंपरिक वीणा का एक लघु मॉडल भेंट किया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति के साथ आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, आईटी मंत्री नारा लोकेश और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री कोलुसु पार्थसारथी भी मंच पर उपस्थित थे।
यह ऐतिहासिक क्षण उस समय आया जब ये सभी गणमान्य व्यक्ति मुसुनुरु में 'गॉरमेट पॉपकॉर्निका' गैर-जीएमओ मक्का बीज की किस्म को लॉन्च करने के लिए एकत्रित हुए थे। इस कार्यक्रम के दौरान, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री कोलुसु पार्थसारथी ने मंच के पास खड़े शेख माबू साहेब का परिचय उपराष्ट्रपति से कराया और उनके द्वारा बनाई गई लघु वीणा को उपराष्ट्रपति को भेंट किया। उपराष्ट्रपति ने इस पारंपरिक कला को जीवित रखने और नई पीढ़ी को प्रशिक्षित करने के लिए शेख माबू के प्रयासों की सराहना की।
अपनी पारिवारिक विरासत को याद करते हुए शेख माबू साहेब ने बताया कि उनके दादा शेख कासिम साहेब और उनके पिता मीरा साहेब पिछले आठ दशकों से भी अधिक समय से इस पेशे में सक्रिय थे। वे हल्के वजन के और मधुर ध्वनि उत्पन्न करने वाले वाद्ययंत्रों को तराशने में माहिर थे। आज भी शेख माबू उसी शुद्धता और लगन के साथ इस कला को जीवित रखे हुए हैं और हर साल देश-विदेश के कलाकारों के लिए वीणा का निर्माण करते हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि भारत में शास्त्रीय वाद्ययंत्र बनाने की कला संस्थागत संरक्षण की कमी और सस्ते, बड़े पैमाने पर उत्पादित डिजिटल विकल्पों के उदय के कारण अस्तित्व के संकट का सामना कर रही है। नुजविद वीणा केवल एक संगीत वाद्ययंत्र नहीं है, बल्कि आंध्र प्रदेश की सदियों पुरानी सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करती है। जब उपराष्ट्रपति जैसे शीर्ष नेता सार्वजनिक मंच पर इन स्थानीय कारीगरों को सम्मानित करते हैं, तो इससे वैश्विक स्तर पर इस कला की दृश्यता बढ़ती है, जिससे भविष्य में भौगोलिक संकेत (GI) टैग, निर्यात के अवसर और परंपरा को जीवित रखने के लिए सरकारी अकादमियों का मार्ग प्रशस्त होता है।
"यदि सरकार वित्तीय सहायता और व्यवस्थित प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करती है, तो हम इस पवित्र कला को अगली पीढ़ी को आसानी से सौंप सकते हैं और दर्जनों कुशल युवा वीणा कलाकारों को तैयार कर सकते हैं।" — शेख माबू साहेब
शेख माबू ने बताया कि वे साल में लगभग 25 वीणा बेचते हैं। विदेशों से आने वाले शास्त्रीय संगीत प्रेमी विशेष रूप से उनके नुजविद स्थित कार्यशाला (उनके घर) में आते हैं और ऑर्डर देते हैं। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर सरकार से कुछ वित्तीय लाभ और बुनियादी ढांचा मिले, तो वे कई और युवाओं को इस कला में प्रशिक्षित कर सकते हैं, जिससे यह प्राचीन विद्या लुप्त होने से बच जाएगी।
| विशेषता | नुजविद पारंपरिक वीणा | मानक वाणिज्यिक वीणा |
|---|---|---|
| प्रयुक्त सामग्री | परिपक्व कटहल की लकड़ी का एकल टुकड़ा (हल्का वजन) | जोड़ी गई कठोर लकड़ी या सिंथेटिक सामग्री |
| निर्माण विधि | वंशानुगत कारीगरों द्वारा 100% हस्तनिर्मित | मशीन-सहायता प्राप्त बड़े पैमाने पर उत्पादन |
| ध्वनि प्रतिध्वनि | गहरी, समृद्ध और प्रामाणिक शास्त्रीय स्वर | सपाट या इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रवर्धित स्वर |
Frequently Asked Questions
Q1: नुजविद वीणा को क्या खास बनाता है?
A1: नुजविद वीणा अपने हल्के वजन के डिजाइन, उत्कृष्ट हस्त-नक्काशी और बेहतर ध्वनि गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है, जिसे पारंपरिक रूप से बहु-पीढ़ी के कारीगरों द्वारा कटहल की लकड़ी से तैयार किया जाता है।
Q2: सरकार इस कला रूप को बचाने में कैसे मदद कर सकती है?
A2: कारीगरों का मानना है कि वित्तीय सहायता प्रदान करने, समर्पित प्रशिक्षण कार्यशालाएं स्थापित करने और अंतरराष्ट्रीय बिक्री के लिए बाजार लिंक प्रदान करने से इस शिल्प को जीवित रखने और युवा पीढ़ी को आकर्षित करने में मदद मिल सकती है।