दक्षिण रेलवे ने पट्टाबीराम मिलिट्री साइडिंग (PTMS) स्टेशन पर 2.93 करोड़ रुपये मूल्य का फुट ओवरब्रिज (FOB) बनाने की ठेकादारी दी है। निर्माण कार्य मई में शुरू हुआ और अगले मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है, साथ ही टैक्टाइल प्लेटफ़ॉर्म और शेड्स जैसी सुविधाएँ भी जोड़ी जाएँगी।
- FOB का निर्माण 3 मीटर चौड़ा, सात ट्रैक पार करेगा।
- प्रोजेक्ट की लागत 2.93 करोड़ रुपये, लक्ष्य मार्च 2027 में पूर्णता।
- टैक्टाइल प्लेटफ़ॉर्म, नई बैठने की व्यवस्था और शेड्स भी स्थापित होंगे।
दक्षिण रेलवे ने पट्टाबीराम मिलिट्री साइडिंग (PTMS) स्टेशन पर एक नवीन फुट ओवरब्रिज (FOB) के निर्माण की योजना को औपचारिक रूप से मंजूरी दी है। यह स्टेशन मूलतः रक्षा कर्मियों और सैन्य माल के परिवहन के लिए स्थापित किया गया था, लेकिन आज यह कई आवासीय इलाकों की जनसंख्या के लिए प्रमुख यात्रा बिंदु बन चुका है।
मई 2026 में सात ट्रैक के ऊपर 3 मीटर चौड़ाई वाला FOB बनाने के लिए 2.93 करोड़ रुपये के मूल्य पर टेंडर जारी किया गया और इसे स्थानीय ठेकेदार को सौंप दिया गया। वर्तमान में निर्मात्री कार्य जारी है; फाउंडेशन के लिए साइट की सफाई पहले ही पूरी हो चुकी है। वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि मार्च 2027 तक यह संरचना पूरी हो जाएगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पट्टाबीराम मिलिट्री साइडिंग स्टेशन का इतिहास 1940 के दशक तक जाता है, जब इसे भारतीय सेना के लिए विशेष रूप से बनाया गया था। समय के साथ इस क्षेत्र में मुथापुडुपेट और मित्तीनमेले जैसी नागरिक बस्तियाँ विकसित हुईं, जिससे स्टेशन की उपयोगिता में बदलाव आया। पहले यह स्टेशन फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) के बड़े गोदाम से भोजन सामग्री के परिवहन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that improved pedestrian connectivity at PTMS will not only enhance commuter safety but also stimulate economic activity in the surrounding defence‑civilian mixed zones, potentially increasing daily ridership by 12‑15%.
"FOB का निर्माण सुरक्षा मानकों को ऊँचा करेगा और यात्रियों के प्रवाह को सुगम बनाएगा," कहा वरिष्ठ रेलवे योजना विशेषज्ञ ने।
Frequently Asked Questions
Q: फुट ओवरब्रिज कब तक पूरी तरह उपयोग में आएगा?
A: अनुमानित पूर्णता मार्च 2027 है, उसके बाद परीक्षण अवधि के बाद सार्वजनिक उपयोग के लिए खुला जाएगा।
Q: क्या अन्य सुविधाएँ जैसे टैक्टाइल प्लेटफ़ॉर्म भी जल्द ही उपलब्ध होंगी?
A: हाँ, दक्षिण रेलवे ने प्लेटफ़ॉर्म, नई बैठने की व्यवस्था और छत्रियों की स्थापना को भी इसी समय सीमा में पूरा करने का वचन दिया है।