कर्नाटक राज्य औद्योगिक बुनियादी ढांचा विकास निगम (KSIIDC) के अध्यक्ष ने घोषणा की है कि विजयपुरा हवाई अड्डे पर उड़ान सेवाएं अगले साल की शुरुआत तक शुरू हो सकती हैं। केंद्र सरकार से लंबित मंजूरी और तकनीकी कारणों के कारण परियोजना में देरी हुई है।
- विजयपुरा हवाई अड्डे के अगले साल की शुरुआत तक चालू होने की उम्मीद है।
- ₹618 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना में केंद्र सरकार से पर्यावरणीय मंजूरी का इंतजार है।
- एयरबस 320 जैसे बड़े विमानों को संभालने के लिए हवाई अड्डे को डिजाइन किया गया है।
- रात में विमान उतारने के लिए इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) पर काम चल रहा है।
विजयपुरा, कर्नाटक: कर्नाटक राज्य औद्योगिक बुनियादी ढांचा विकास निगम (KSIIDC) के अध्यक्ष एस.जी. नंजययनमथ ने मंगलवार को विजयपुरा में मीडिया से बातचीत करते हुए एक महत्वपूर्ण अपडेट साझा किया। उन्होंने बताया कि विजयपुरा हवाई अड्डे पर उड़ान सेवाओं को अगले वर्ष की शुरुआत तक शुरू करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
वर्तमान में, इस महत्वाकांक्षी परियोजना को कुछ तकनीकी बाधाओं और केंद्र सरकार से आवश्यक स्वीकृतियों के लंबित होने के कारण देरी का सामना करना पड़ रहा है। ₹618 करोड़ की लागत से बन रहा यह हवाई अड्डा उत्तर कर्नाटक के बुनियादी ढांचे के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है।
परियोजना में देरी के मुख्य कारण
हवाई अड्डे के निर्माण में देरी के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण रहे हैं। अध्यक्ष के अनुसार, परियोजना को एक सुप्रीम कोर्ट के स्थगन आदेश (stay order) का सामना करना पड़ा था, जिसे तीन सप्ताह पहले हटाया गया है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को पर्यावरणीय मंजूरी के लिए पत्र लिखा है, जिसका अभी भी इंतजार है।
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की कमी अक्सर समयसीमा को प्रभावित करती है। हालांकि, अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है और तकनीकी सुधारों पर तेजी से काम हो रहा है।
विजयपुरा हवाई अड्डा केवल एक स्थानीय सुविधा नहीं है, बल्कि यह पूरे उत्तर कर्नाटक के आर्थिक विकास का प्रवेश द्वार बनेगा।
तकनीकी उन्नयन और भविष्य की क्षमता
यह हवाई अड्डा केवल छोटे विमानों के लिए नहीं है; इसे एयरबस 320 जैसे बड़े विमानों को संभालने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इसके अतिरिक्त, हवाई अड्डे को आधुनिक बनाने के लिए 'इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम' (ILS) का उपयोग करके रात में विमान लैंडिंग की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। इस कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया (tender process) अगले एक सप्ताह में पूरी होने की उम्मीद है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
विजयपुरा (पूर्व में बीजापुर) ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन हवाई कनेक्टिविटी की कमी ने इसके पर्यटन और व्यापारिक विकास को सीमित कर दिया था। इस हवाई अड्डे के चालू होने से न केवल विजयपुरा, बल्कि पूरे उत्तरी कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों को हवाई संपर्क मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: विजयपुरा हवाई अड्डे के संचालन में देरी क्यों हो रही है?
उत्तर: देरी का मुख्य कारण केंद्र सरकार से लंबित पर्यावरणीय मंजूरी, तकनीकी मुद्दे और पूर्व में रहा सुप्रीम कोर्ट का स्थगन आदेश है।
प्रश्न 2: क्या इस हवाई अड्डे पर रात में लैंडिंग संभव होगी?
उत्तर: हाँ, सरकार इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) स्थापित कर रही है ताकि रात में भी सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित की जा सके।