दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) हैदराबाद के बाहरी इलाकों में दो विशाल कोचिंग डिपो स्थापित करने की योजना बना रहा है। इस परियोजना की कुल लागत लगभग ₹2,867 करोड़ होने का अनुमान है, जो क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को बदल देगी।
- जुकल और डैबिलपुर में दो नए कोचिंग डिपो का प्रस्ताव।
- कुल अनुमानित लागत ₹2,866.72 करोड़।
- शमशाबाद में नया टर्मिनल बनाने का प्रस्ताव रद्द।
- क्षेत्रीय रिंग रेल परियोजना पर भी काम जारी।
दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने हैदराबाद के बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना पेश की है। रेलवे ने जुकल और डैबिलपुर में एकीकृत रखरखाव सुविधाओं के साथ दो प्रमुख कोचिंग डिपो स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इस विशाल परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹2,866.72 करोड़ है।
SCR के महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव ने हाल ही में तेलंगाना के सांसदों के साथ एक बैठक में जानकारी दी कि इन दोनों मेगा कोचिंग डिपो के प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी के लिए रेलवे बोर्ड (RB) को भेज दिया गया है। जुकल में प्रस्तावित डिपो की लागत ₹1,459.66 करोड़ और डैबिलपुर के पास दूसरे डिपो की लागत ₹1,407.06 करोड़ होने की संभावना है।
परियोजना का विस्तार और भूमि आवश्यकता
इस महत्वाकांक्षी विस्तार के लिए रेलवे को राज्य सरकार से महत्वपूर्ण भूमि आवंटन की आवश्यकता है। SCR ने प्रस्तावित डिपो के लिए जुकल में 300 एकड़ और डैबिलपुर में 250 एकड़ भूमि आवंटित करने का अनुरोध किया है। इसके अलावा, शंकारपल्ली के पास एक नए यात्री टर्मिनल के लिए नागुलपल्ली में 325 एकड़ और मौजूदा चेरलापल्ली टर्मिनल के विस्तार के लिए 250 एकड़ भूमि की मांग की गई है।
रेलवे का यह निवेश हैदराबाद के उपनगरीय और औद्योगिक विकास के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा।
दिलचस्प बात यह है कि राज्य सरकार की 'सलाह' के बाद, MMTS चरण-II परियोजना के हिस्से के रूप में शमशाबाद में एक नया रेलवे टर्मिनल बनाने का प्रस्ताव छोड़ दिया गया है। जुकल स्टेशन, शमशाबाद के कुछ ही किलोमीटर दूर स्थित है, जहाँ अब नया कोचिंग डिपो बनाया जाएगा।
MMTS विस्तार और क्षेत्रीय रिंग रेल
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि MMTS सेवाओं के विस्तार को लेकर कुछ तकनीकी चुनौतियां बनी हुई हैं। रेलवे ने लिंगमपल्ली से नागुलपल्ली और उमदानगर से शादनगर जैसे मार्गों पर सेवा विस्तार करने में असमर्थता जताई है क्योंकि ये मार्ग राज्य सरकार द्वारा निर्धारित उपनगरीय सीमाओं से बाहर हैं। हालांकि, रेलवे ने संकेत दिया है कि यदि तेलंगाना सरकार लागत साझा करने की इच्छा दिखाती है, तो इन प्रस्तावों पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
इसके साथ ही, क्षेत्रीय रिंग रेल (Regional Ring Rail) परियोजना पर भी बड़ी प्रगति हो रही है। इसके पहले चरण का विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) विचाराधीन है, जो 222.53 किमी लंबी होगी और इसकी लागत लगभग ₹11,517.51 करोड़ होगी।
Why This Matters
यह विकास हैदराबाद के शहरी नियोजन और परिवहन दक्षता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। नए कोचिंग डिपो से ट्रेनों के रखरखाव में सुधार होगा, जिससे परिचालन क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
Frequently Asked Questions
1. नए कोचिंग डिपो कहाँ बनाए जा रहे हैं?
नए कोचिंग डिपो हैदराबाद के बाहरी इलाकों में जुकल और डैबिलपुर में बनाए जाने प्रस्तावित हैं।
2. इस परियोजना की कुल लागत कितनी है?
दोनों डिपो की कुल अनुमानित लागत ₹2,866.72 करोड़ है।