राष्ट्रीय राजमार्ग 169 के बीकरणकट्टे-सानुर खंड का चार-लेन विस्तार कार्य 76.1% तक पहुंच गया है। NHAI के अनुसार, ₹1,137 करोड़ की इस महत्वपूर्ण परियोजना के मार्च 2027 तक पूरा होने की संभावना है।
- NH 169 के बीकरणकट्टे-सानुर खंड का 76.1% काम पूरा हो चुका है।
- ₹1,137 करोड़ की इस परियोजना के मार्च 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य है।
- कुल 45.01 किमी में से 36.42 किमी का हिस्सा तैयार है।
- कुलुर में फाल्गुनी नदी पर छह-लेन पुल का काम 58% पूरा हुआ।
मंगलुरु में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (DISHA) की बैठक के दौरान, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के परियोजना कार्यान्वयन इकाई के निदेशक, अब्दुल्ला जावेद अज़मी ने महत्वपूर्ण अपडेट साझा किए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 169 के बीकरणकट्टे (मंगलुरु)-सानुर (कर्काल) खंड के चार-लेन विस्तार का कार्य अब 76.1% के स्तर पर पहुंच गया है।
परियोजना की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा करते हुए, अज़मी ने स्पष्ट किया कि 45.01 किलोमीटर लंबे इस राजमार्ग खंड में से 36.42 किलोमीटर का हिस्सा पहले ही तैयार किया जा चुका है। ₹1,137 करोड़ की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मूल रूप से 8 अक्टूबर, 2024 तक पूरा किया जाना था, लेकिन अब इसके मार्च 2027 तक पूर्ण होने की संभावना है।
विकास में बाधाएं और कानूनी चुनौतियां
प्रगति के बावजूद, कुछ तकनीकी और कानूनी बाधाएं अभी भी बनी हुई हैं। NHAI अधिकारी ने बताया कि गुरुपुरा-कैकाम्बा के पास रोसा मिस्टिका स्कूल के निकट 1 किलोमीटर लंबे हिस्से में काम अदालत के स्थगन आदेश (stay order) के कारण रुका हुआ है। यह कानूनी अड़चन परियोजना की समय सीमा को प्रभावित कर रही है।
परियोजनाओं में देरी अक्सर कानूनी विवादों और भूमि अधिग्रहण की जटिलताओं का परिणाम होती है, जो बुनियादी ढांचे के विकास की गति को धीमा कर देती है।
कुलुर पुल परियोजना की स्थिति
NH 169 के साथ-साथ, NH 66 पर कुलुर में फाल्गुनी नदी पर बन रहे छह-लेन पुल की प्रगति पर भी चर्चा की गई। इस परियोजना ने 58% प्रगति हासिल कर ली है। अज़मी के अनुसार, एक कैरिजवे नवंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, जबकि संपूर्ण परियोजना मई 2027 तक संपन्न हो जाएगी। इस पुल परियोजना की कुल लागत ₹69.02 करोड़ है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मंगलुरु और आसपास के क्षेत्रों के लिए इन राजमार्गों का विस्तार आर्थिक गलियारों के रूप में कार्य करेगा। कनेक्टिविटी में सुधार से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि स्थानीय व्यापार और रसद (logistics) क्षेत्र को भी भारी बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, अतिक्रमण और कानूनी विवादों का समाधान करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
बैठक के दौरान, उपायुक्त एच.वी. दर्शन ने सुझाव दिया कि जिला प्रशासन और NHAI को राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे अतिक्रमण की पहचान करने और उसे हटाने के लिए एक संयुक्त सर्वेक्षण करना चाहिए। यह कदम भविष्य में निर्माण कार्यों में होने वाली देरी को रोकने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
Historical Background
दक्षिण कर्नाटक में कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से इन परियोजनाओं की योजना बनाई गई थी। NH 169 और NH 66 दोनों ही तटीय कर्नाटक के प्रमुख लाइफलाइन हैं, जो व्यापार और पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण हैं। पिछले कुछ वर्षों में, बढ़ते यातायात के दबाव के कारण इन मार्गों के चौड़ीकरण की मांग लगातार बढ़ रही थी।
Frequently Asked Questions
1. बीकरणकट्टे-सानुर परियोजना कब तक पूरी होगी?
NHAI के अनुसार, इस परियोजना के मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
2. किस कारण से गुरुपुरा-कैकाम्बा में काम रुका हुआ है?
रोसा मिस्टिका स्कूल के पास का काम अदालत के स्थगन आदेश (stay order) के कारण रुका हुआ है।