केरल सरकार ने राज्य योजना बोर्ड की क्षमता बढ़ाने के लिए जी. विजया राघवन और पी.पी. बालन सहित चार नए सदस्यों की नियुक्ति की है। यह कदम राज्य के विकास और नियोजन को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है।

  • जी. विजया राघवन और पी.पी. बालन सहित चार नए सदस्यों की नियुक्ति की गई।
  • बोर्ड का उद्देश्य राज्य की सलाहकार और नियोजन क्षमता को मजबूत करना है।
  • UDF सरकार योजना बोर्ड को एक 'थिंक टैंक' के रूप में विकसित करना चाहती है।

केरल सरकार ने राज्य के विकास की रूपरेखा तैयार करने वाले केरल राज्य योजना बोर्ड में चार महत्वपूर्ण सदस्यों की नियुक्ति की घोषणा की है। योजना और आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पूर्व टेक्नोक्रेट जी. विजया राघवन और स्थानीय शासन विशेषज्ञ पी.पी. बालन को बोर्ड में शामिल किया गया है।

इस नई टीम में पर्यावरणविद् श्रीधर राधाकृष्णन और नई दिल्ली स्थित वरुण संतोष भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि जी. विजया राघवन योजना बोर्ड के सदस्य के रूप में अपना तीसरा कार्यकाल शुरू कर रहे हैं, जो उनकी विशेषज्ञता को दर्शाता है। वहीं, पी.पी. बालन केरल स्थानीय प्रशासन संस्थान (KILA) के पूर्व निदेशक रह चुके हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ये नियुक्तियां केवल प्रशासनिक नहीं हैं, बल्कि केरल की भविष्य की आर्थिक नीतियों को दिशा देने के लिए रणनीतिक हैं। सरकार का लक्ष्य योजना बोर्ड को एक शक्तिशाली 'थिंक टैंक' में बदलना है, जो डेटा-आधारित निर्णय लेने में मदद कर सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि विविध क्षेत्रों (पर्यावरण, स्थानीय शासन और तकनीकी) के विशेषज्ञों का समावेश राज्य की समावेशी विकास नीति को मजबूती प्रदान करेगा।

हाल ही में, UDF सरकार ने बोर्ड का पुनर्गठन किया है, जिसमें मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशान को अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय कैबिनेट सचिव के.एम. चंद्रशेखर को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, गुलती संस्थान (GIFT) के पूर्व निदेशक डी. नारायण को वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार नियुक्त किया गया है।

इस बदलाव को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज है। विपक्ष (LDF) ने सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए इसे केंद्र सरकार के मॉडल (नीति आयोग) की नकल बताया है। हालांकि, मुख्यमंत्री सतीशान ने विधानसभा में स्पष्ट किया है कि पांच साल की योजनाएं जारी रहेंगी और बोर्ड राज्य के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।

Historical Background

केरल राज्य योजना बोर्ड दशकों से राज्य के विकास कार्यों का मार्गदर्शन करता रहा है। जून में पेश किए गए श्वेत पत्र और 2026-27 के संशोधित बजट में बोर्ड को एक आधुनिक थिंक टैंक बनाने का प्रस्ताव दिया गया था, ताकि वैश्विक मानकों के अनुरूप नियोजन किया जा सके।

Did You Know?: केरल भारत के उन अग्रणी राज्यों में से एक है जो विकेंद्रीकृत नियोजन (Decentralized Planning) के मॉडल को अपनाने में बहुत आगे रहा है।

Frequently Asked Questions

1. केरल राज्य योजना बोर्ड के वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं?
वर्तमान में केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशान योजना बोर्ड के अध्यक्ष हैं।

2. नई नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य बोर्ड की सलाहकार और नियोजन क्षमता को मजबूत करना है।