सुल्लिया में हाथियों के बढ़ते हमलों ने किसानों की कमर तोड़ दी है। विधायक भागीरथी मुरुल्य ने सरकार से सौर बाड़ लगाने के लिए शत-प्रतिशत सब्सिडी देने की मांग की है।
- सुल्लिया और पुत्तूर क्षेत्र में लगभग 80 हाथी घूम रहे हैं।
- विधायक ने सौर बाड़ के लिए 100% सरकारी सब्सिडी की मांग की।
- 381 किसानों के लिए ₹73 लाख का मुआवजा अभी लंबित है।
- GMPL पर मृत मोर को बिना सूचना दफनाने का मामला दर्ज करने के निर्देश।
सुल्लिया, मंगलुरु: सुल्लिया और उसके आसपास के क्षेत्रों में हाथियों का बढ़ता आतंक अब एक गंभीर संकट बन चुका है। शनिवार को जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (DISHA) की बैठक के दौरान, सुल्लिया की विधायक भागीरथी मुरुल्य ने सरकार से इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जंगली हाथियों के हमले से किसानों की कृषि भूमि और आजीविका पर गहरा संकट मंडरा रहा है।
विधायक मुरुल्य ने सुझाव दिया कि हाथियों के हमलों को रोकने के लिए सरकार को पूरे क्षेत्र में सौर-ऊर्जा संचालित इलेक्ट्रिक फेंसिंग सिस्टम (solar-powered electric fencing) स्थापित करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हालांकि वर्तमान में सरकार किसानों को सौर बाड़ लगाने के लिए 50% सब्सिडी प्रदान करती है, लेकिन मौजूदा संकट को देखते हुए राज्य सरकार को इसका पूरा खर्च उठाना चाहिए। उन्होंने बताया कि किसान पहले से ही सुपारी के बागानों में 'येलो लीफ', 'फ्रूट रॉट' और 'लीफ स्पॉट' जैसी बीमारियों के कारण भारी वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष केवल एक स्थानीय समस्या नहीं है, बल्कि यह पारिस्थितिक असंतुलन और कृषि अर्थव्यवस्था के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है। यदि मुआवजे और सुरक्षा उपायों में देरी होती है, तो यह ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक असंतोष पैदा कर सकता है।
किसानों की सुरक्षा और फसल का संरक्षण केवल सब्सिडी का मामला नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की स्थिरता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
वन विभाग के एक अधिकारी ने बैठक में खुलासा किया कि वर्तमान में सुल्लिया और पुत्तूर क्षेत्रों में लगभग 80 हाथी घूम रहे हैं। इस वर्ष अब तक फसल बर्बादी के लिए 19 किसानों को ₹3.30 लाख का मुआवजा दिया जा चुका है, लेकिन चिंताजनक बात यह है कि 381 किसानों को मिलने वाला ₹73 लाख का मुआवजा अभी भी लंबित है।
पर्यावरण और कानूनी उल्लंघन
बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा भी उठा। उपायुक्त एच.वी. दर्शन ने वन विभाग को GAIL Mangalore Petrochemicals Ltd. (GMPL) के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। आरोप है कि कंपनी ने वन विभाग को सूचित किए बिना एक मृत मोर को दफना दिया था। बजपे टाउन पंचायत अध्यक्ष लोकेश पूजारी ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि कंपनी ने नियमों की अनदेखी की है।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि कानून की अज्ञानता कोई बहाना नहीं हो सकती। उन्होंने अधिकारियों को एफआईआर (FIR) दर्ज करने और यह जांचने का आदेश दिया कि क्या पक्षी को जहर दिया गया था।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: विधायक ने सौर बाड़ के लिए क्या मांग की है?
उत्तर: विधायक ने मांग की है कि सरकार सौर बाड़ लगाने के लिए मिलने वाली 50% सब्सिडी को बढ़ाकर 100% करे ताकि किसानों पर बोझ न पड़े।
प्रश्न 2: सुल्लिया क्षेत्र में कितने हाथी सक्रिय हैं?
उत्तर: वन विभाग के अनुसार, सुल्लिया और पुत्तूर क्षेत्रों में लगभग 80 हाथी घूम रहे हैं।