ग्रामीण विकास मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि VB-G RAM G मिशन के तहत सभी पंजीकृत श्रमिकों को स्थानांतरित कर दिया गया है और e-KYC अधूरा होने पर भी रोजगार का अधिकार नहीं छीना जाएगा।
- सभी MGNREGA पंजीकृत श्रमिक अब VB-G RAM G मिशन के अंतर्गत हैं।
- e-KYC लंबित होने पर भी श्रमिक रोजगार की मांग कर सकते हैं और काम प्राप्त कर सकते हैं।
- अब तक 15.89 करोड़ श्रमिकों का e-KYC सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
- केंद्र ने राज्यों को तेजी से सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
नई दिल्ली: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने रविवार को एक महत्वपूर्ण आधिकारिक बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के तहत पंजीकृत सभी श्रमिकों को अब विक्सित भारत गारंटी फॉर रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM G] में स्थानांतरित कर दिया गया है। मंत्रालय ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि श्रमिकों के जॉब कार्ड का e-KYC पूरा न होना उनके रोजगार के वैधानिक अधिकार में बाधा नहीं बनेगा।
यह स्पष्टीकरण हालिया रिपोर्टों के जवाब में आया है जिनमें दावा किया गया था कि लगभग 57 लाख सक्रिय श्रमिकों के जॉब कार्ड का e-KYC अभी तक लंबित है। मंत्रालय ने इन आंकड़ों पर विवाद करने के बजाय यह स्पष्ट किया कि e-KYC केवल एक डेटाबेस-प्रमाणीकरण उपाय है, न कि रोजगार प्राप्त करने की कोई पूर्व शर्त।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सरकार का यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था में निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। e-KYC प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने का उद्देश्य डेटा की सटीकता बढ़ाना है, लेकिन श्रमिकों के अधिकारों से समझौता न करना सामाजिक सुरक्षा जाल को मजबूत करता है।
e-KYC प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और यह आमतौर पर 30 सेकंड से कम समय में पूरी हो सकती है, जिससे डेटाबेस की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
मंत्रालय के अनुसार, अब तक 15.89 करोड़ श्रमिकों का e-KYC पूरा किया जा चुका है, जिसमें 10.84 करोड़ सक्रिय श्रमिकों में से 10.27 करोड़ (लगभग 95%) शामिल हैं। सरकार ने यह भी बताया कि अब तक 2.11 करोड़ श्रमिकों को VB-G RAM G के तहत रोजगार के अवसर प्रदान किए जा चुके हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
MGNREGA को भारत में ग्रामीण रोजगार की रीढ़ माना जाता है। हाल ही में इसे अधिक व्यापक और आधुनिक बनाने के लिए 'विक्सित भारत गारंटी फॉर रोज़गार और आजीविका मिशन' (VB-G RAM G) के साथ एकीकृत किया गया है, जिसका लक्ष्य डिजिटल प्रमाणीकरण के माध्यम से पारदर्शिता लाना है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या e-KYC न होने पर मुझे काम नहीं मिलेगा?
उत्तर: नहीं, मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि e-KYC लंबित होने पर भी आप रोजगार की मांग कर सकते हैं और काम प्राप्त कर सकते हैं।
प्रश्न 2: e-KYC की जिम्मेदारी किसकी है?
उत्तर: e-KYC पूरा करने की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों की है।