केरल सरकार ने गोश्री द्वीप विकास प्राधिकरण (GIDA) की सामान्य परिषद का पुनर्गठन किया है, जिसमें मुख्यमंत्री वी.डी. सथीसन को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है ताकि द्वीपों के बुनियादी ढांचे और तटीय सुरक्षा को तेज किया जा सके।
- मुख्यमंत्री वी.डी. सथीसन को पुनर्गठित GIDA सामान्य परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
- तटीय कटाव को रोकने के लिए थंथोन्नीथुरुथु द्वीप के बाहरी तटबंध (Bund) के निर्माण पर मुख्य ध्यान।
- परिषद में सांसद, विधायक, मेयर और स्थानीय पंचायत अध्यक्षों को शामिल किया गया है।
केरल सरकार ने गोश्री द्वीप विकास प्राधिकरण (GIDA) की सामान्य परिषद के औपचारिक पुनर्गठन की घोषणा की है। कोच्चि बैकवाटर क्षेत्रों के विकास को सुव्यवस्थित करने के लिए एक रणनीतिक कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री वी.डी. सथीसन को परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस पुनर्गठन का उद्देश्य विधायी निरीक्षण और स्थानीय शासन को एक साथ लाना है ताकि द्वीपों की विशिष्ट भौगोलिक चुनौतियों का समाधान किया जा सके।
नवनियुक्त परिषद में राजनीतिक और प्रशासनिक नेतृत्व का एक व्यापक समूह शामिल है। उल्लेखनीय सदस्यों में एर्नाकुलम सांसद हिबी ईडन के साथ विधायक टोनी चामनी, टी.जे. विनोद और मोहम्मद शियास शामिल हैं। जमीनी स्तर के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के लिए, परिषद में कोच्चि मेयर वी.के. मिनिमोल और मुलावुकड, कदमकुडी, एलांकुन्नपुझा, न्जारक्कल और नायराम्बलम जैसे ग्राम पंचायतों के अध्यक्षों को शामिल किया गया है। तकनीकी मार्गदर्शन एर्नाकुलम जिला कलेक्टर, जिला नगर नियोजक और लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता द्वारा प्रदान किया जाएगा।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि GIDA का पुनर्गठन केवल एक प्रशासनिक फेरबदल नहीं है, बल्कि तटीय संवेदनशीलता को हल करने का एक लक्षित प्रयास है। मुख्यमंत्री को कमान सौंपकर, सरकार यह संकेत दे रही है कि कोच्चि द्वीपों का विकास अब राज्य का उच्च-प्राथमिकता वाला एजेंडा है। स्थानीय पंचायत अध्यक्षों का समावेश बैकवाटर में शहरी-ग्रामीण इंटरफेस की योजना बनाने में 'बॉटम-अप' दृष्टिकोण की ओर बदलाव का सुझाव देता है।
वर्तमान में, GIDA का प्राथमिक परिचालन फोकस थंथोन्नीथुरुथु द्वीप के बाहरी तटबंध (Outer Bund) का निर्माण है। इस महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना में कंक्रीट पाइल्स और स्लैब से प्रबलित ड्रेज्ड मिट्टी का उपयोग करके एक सुरक्षात्मक दीवार बनाना शामिल है। यह परियोजना उन दशकों पुराने तटीय कटाव और मौसमी बाढ़ के लिए एक स्थायी समाधान के रूप में तैयार की गई है जिसने द्वीप के निवासियों को परेशान किया है।
GIDA परिषद का रणनीतिक संरेखण यह सुनिश्चित करता है कि पर्यावरण मंजूरी और इंजीनियरिंग कार्यान्वयन नाजुक तटीय पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए एक साथ चलें।
परियोजना को केरल तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण (KCZMA) की कड़ी जांच का सामना करना पड़ा है। हालांकि प्रस्ताव 2021 में प्रस्तुत किया गया था, लेकिन इसे 28 फरवरी, 2025 को महत्वपूर्ण संशोधनों के बाद मंजूरी मिली। मैंग्रोव विनाश और संभावित बाढ़ की चिंताओं को दूर करने के लिए, प्राधिकरण ने तटबंध दीवार की चौड़ाई पांच मीटर से घटाकर तीन मीटर कर दी, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि निजी मैंग्रोव वनस्पति प्रभावित न हों।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
GIDA की स्थापना मूल रूप से मई 1994 में एक विशिष्ट उद्देश्य के साथ की गई थी: गोश्री पुलों का निर्माण। ये पुल मुलावुकड, वल्लारपदम और विपिन द्वीपों को एर्नाकुलम मुख्य भूमि से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण जीवन रेखाएं थे। दशकों के दौरान, GIDA का दायरा केवल पुल निर्माण से बढ़कर द्वीपों के पूरे समूह के व्यापक विकास तक विस्तृत हो गया, जिसमें अब आठ पंचायतें और कोच्चि नगर निगम के हिस्से शामिल हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
GIDA सामान्य परिषद के वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं?
वर्तमान अध्यक्ष केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सथीसन हैं।
GIDA द्वारा वर्तमान में संचालित मुख्य परियोजना क्या है?
मुख्य परियोजना बाढ़ और तटीय कटाव को रोकने के लिए थंथोन्नीथुरुथु द्वीप के लिए बाहरी तटबंध का निर्माण है।