तेलंगाना सरकार और दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) हैदराबाद के आसपास MMTS के विस्तार और नए रेल कॉरिडोर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करेंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना में बाहरी रिंग रोड (ORR) और क्षेत्रीय रिंग रोड (RRR) के साथ रेलवे टर्मिनलों का विकास शामिल है।

  • MMTS विस्तार और नए रेल कॉरिडोर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का निर्देश।
  • ORR और RRR कॉरिडोर के साथ नए रेलवे टर्मिनलों का विकास किया जाएगा।
  • ₹50,870 करोड़ के निवेश के साथ 17 रेलवे परियोजनाओं के प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजे गए हैं।
  • भविष्य की बुलेट ट्रेन कनेक्टिविटी के लिए भूमि अधिग्रहण की योजना।

तेलंगाना के मुख्य सचिव संजय जाजू ने सोमवार को सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें हैदराबाद और उसके आसपास के क्षेत्रों में रेल बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने पर चर्चा की गई। इस बैठक में दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) के महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव भी मौजूद थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर की परिवहन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना और भविष्य की जरूरतों के अनुसार रेल कनेक्टिविटी को बढ़ाना था।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम (MMTS) के विस्तार, बाहरी रिंग रोड (ORR) और क्षेत्रीय रिंग रोड (RRR) के किनारे रेलवे टर्मिनलों के विकास और भविष्य की बुलेट ट्रेन परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण हेतु व्यापक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाए। यह कदम न केवल शहर के भीतर यातायात के दबाव को कम करेगा, बल्कि उपनगरीय क्षेत्रों को मुख्य शहर से जोड़ेगा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यह बुनियादी ढांचा विकास हैदराबाद को एक वैश्विक लॉजिस्टिक हब में बदल सकता है। रिंग रोड के साथ रेलवे टर्मिनलों का एकीकरण शहर के केंद्र में भीड़भाड़ को कम करेगा और औद्योगिक क्षेत्रों में माल एवं यात्रियों की आवाजाही को गति देगा। यह रणनीतिक विस्तार तेलंगाना की आर्थिक वृद्धि को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

बैठक के दौरान कुल 21 प्रमुख मुद्दों की समीक्षा की गई, जिनमें रेलवे अंडरपास, ओवरब्रिज का निर्माण, सड़कों का चौड़ीकरण और चेर्लापल्ली रेलवे स्टेशन तक सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी में सुधार शामिल है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे लंबित मुद्दों का त्वरित समाधान करें ताकि परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके।

"रेलवे बुनियादी ढांचे में यह निवेश केवल परिवहन के बारे में नहीं है, बल्कि यह तेलंगाना के औद्योगिक और क्षेत्रीय विकास के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा।"

SCR अधिकारियों ने सूचित किया कि 2,023 किलोमीटर को कवर करने वाली 17 रेलवे परियोजनाओं के लिए DPR पहले ही रेलवे बोर्ड को सौंपी जा चुकी है, जिनमें अनुमानित निवेश ₹50,870 करोड़ है। इन परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए पीएम गति शक्ति कार्यक्रम के तहत फंड जुटाने की योजना बनाई गई है।

परियोजनाओं के सुचारू कार्यान्वयन के लिए नगर प्रशासन, हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (HMWSSB), राजस्व, ऊर्जा और सड़क एवं भवन विभागों को SCR के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया है। संयुक्त निरीक्षणों के माध्यम से जमीनी स्तर की समस्याओं को हल करने पर जोर दिया गया है।

क्या आप जानते हैं?: हैदराबाद का MMTS नेटवर्क शहर के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण लाइफलाइन है, जिसे अब आधुनिक तकनीकों और विस्तारित पहुंच के साथ अपग्रेड किया जा रहा है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: इस विस्तार योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य हैदराबाद के आसपास रेल कनेक्टिविटी को बढ़ाना, भीड़भाड़ कम करना और ORR/RRR के माध्यम से उपनगरीय क्षेत्रों को जोड़ना है।

प्रश्न 2: इन परियोजनाओं के लिए बजट और योजना क्या है?
उत्तर: 17 परियोजनाओं के लिए लगभग ₹50,870 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है और इन्हें पीएम गति शक्ति कार्यक्रम के तहत लागू किया जाएगा।