सिकंदराबाद के 20 मद्रास रेजिमेंट परिसर में एक बड़ी सुरक्षा चूक हुई है, जहाँ 12 हथियार और 1,800 से अधिक राउंड गोला-बारूद चोरी हो गए हैं, जिससे छावनी क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

  • 4 AK-203 असॉल्ट राइफलों सहित कुल 12 हथियार चोरी।
  • 1,800 से अधिक राउंड गोला-बारूद और एक नाइट-विज़न बिनोक्युलर गायब।
  • एहतियात के तौर पर छावनी क्षेत्र के स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू।
  • पुलिस आंतरिक मिलीभगत और सुरक्षा खामियों की जांच कर रही है।

सिकंदराबाद में एक सेना प्रतिष्ठान से उच्च-श्रेणी के सैन्य हथियारों की चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना बोल्लारम स्थित 20 मद्रास रेजिमेंट के परिसर में हुई, जिसके बाद पूरे छावनी क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। चोरी हुए हथियारों में चार आधुनिक AK-203 असॉल्ट राइफलें, एक INSAS राइफल और कई पिस्तौल शामिल हैं।

चोरी का खुलासा सोमवार, 31 अगस्त 2026 को सुबह करीब 7:50 बजे हुआ, जब सैन्य कर्मियों ने 'कोट' (शस्त्रागार) और बटालियन मैगज़ीन खोला। अधिकारियों ने पाया कि परिसर के ताले और हथियारों के बक्से जबरन तोड़े गए थे। FIR के अनुसार, 30 अगस्त की शाम 6 बजे तक सभी हथियारों का भौतिक सत्यापन किया गया था, जिसका अर्थ है कि यह चोरी मात्र 14 घंटों के भीतर हुई।

चोरी हुए हथियारों का विस्तृत विवरण

चोरी हुए हथियारों की सूची चिंताजनक है। इसमें चार 7.62 x 39 मिमी AK-203 राइफलें (5 मैगजीन के साथ), एक 5.56 मिमी INSAS 1B1 राइफल (3 मैगजीन के साथ), छह 9 मिमी ऑटो 1A पिस्तौल और एक नागरिक 6.35-बोर पिस्तौल शामिल है। इसके अलावा, एक पैसिव नाइट-विज़न बिनोक्युलर और 21 मैगजीन भी गायब हैं।

हथियार का प्रकारसंख्यागोला-बारूद/सामग्री
AK-203 असॉल्ट राइफल4720 राउंड / 5 मैगजीन
INSAS 1B1 राइफल111 बॉल, 5 ट्रेसर, 20 ब्लैंक राउंड
9 मिमी ऑटो 1A पिस्तौल61,120 राउंड / 12 मैगजीन
नागरिक पिस्तौल (6.35 बोर)11 मैगजीन

चोरी हुई संपत्ति का कुल अनुमानित मूल्य लगभग ₹15 लाख है, लेकिन इन हथियारों के गलत हाथों में जाने से होने वाला रणनीतिक खतरा इस वित्तीय हानि से कहीं अधिक है।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, एक सुरक्षित सैन्य क्षेत्र से AK-203 जैसी आधुनिक राइफलों की चोरी यह संकेत देती है कि या तो यह एक सुनियोजित बाहरी हमला था या फिर आंतरिक सुरक्षा में भारी चूक हुई है। छावनी क्षेत्र के स्कूलों को ऑनलाइन मोड पर भेजने का निर्णय यह दर्शाता है कि प्रशासन इस घटना को अत्यंत गंभीर मान रहा है और शहर में किसी भी संभावित आपराधिक गतिविधि की आशंका है।

सैन्य शस्त्रागार से स्वचालित हथियारों की चोरी केवल एक चोरी नहीं है, बल्कि यह एक प्रणालीगत सुरक्षा विफलता है जिसकी गहन जांच आवश्यक है।

बोल्लारम पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4) और 305 के तहत मामला दर्ज किया है। सेना ने एक आंतरिक जांच शुरू की है और उन कर्मियों से पूछताछ की है जिनके पास शस्त्रागार तक पहुंच थी। पुलिस वर्तमान में CCTV फुटेज और कर्मियों की आवाजाही की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इसमें किसी अंदरूनी व्यक्ति का हाथ है।

क्या आप जानते हैं?: AK-203 राइफल कलाशनिकोव का एक आधुनिक संस्करण है, जिसे पुराने मॉडलों की तुलना में बेहतर सटीकता और नियंत्रण के लिए डिज़ाइन किया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: छावनी क्षेत्र के स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाएं चलाने की सलाह क्यों दी गई?
यह एक एहतियाती कदम था ताकि चोरी हुए हथियारों की तलाश के दौरान छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

प्रश्न 2: क्या इस चोरी में किसी अंदरूनी व्यक्ति के शामिल होने के सबूत मिले हैं?
पुलिस और सेना उन सभी लोगों की जांच कर रहे हैं जिनके पास शस्त्रागार का एक्सेस था, हालांकि अभी तक किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है।