आंध्र प्रदेश स्टेट एनर्जी कंजर्वेशन मिशन (APSECM) विशाखापत्तनम के कैलाशगिरी में 4 एकड़ भूमि पर एक अत्याधुनिक श्रेणी-I विज्ञान केंद्र और 'एनर्जी एंड इनोवेशन हब' स्थापित करने की योजना बना रहा है।
- APSECM ने कैलाशगिरी में 4 एकड़ भूमि की मांग की है।
- यह केंद्र ऊर्जा संरक्षण और नवीकरणीय प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित होगा।
- परियोजना को केंद्र सरकार के SPOCS योजना के तहत समर्थन प्राप्त है।
कोस्टल आंध्र प्रदेश में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और ऊर्जा नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, आंध्र प्रदेश स्टेट एनर्जी कंजर्वेशन मिशन (APSECM) ने विशाखापत्तनम के प्रतिष्ठित कैलाशगिरी की पहाड़ियों पर एक अत्याधुनिक श्रेणी-I विज्ञान केंद्र स्थापित करने के लिए 4 एकड़ भूमि की मांग की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में एक विशेष 'एनर्जी एंड इनोवेशन हब (Fab Lab)' भी शामिल होगा।
यह प्रस्तावित पहल केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय की प्रमुख योजना, 'स्क्रीम फॉर प्रमोशन ऑफ कल्चर ऑफ साइंस' (SPOCS) के तहत की जा रही है। आधिकारिक पत्राचार के अनुसार, APSECM ने APEPDCL के सहयोग से तेलुगु संग्रहालय के पास कैलाशगिरी हिल्स के सर्वे नंबर 150 में स्थित भूमि की पहचान की है।
परियोजना का महत्व
APSECM की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नागलक्ष्मी एस. ने विशाखापत्तनम महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (VMRDA) से भूमि आवंटन प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप देने और संस्कृति मंत्रालय से केंद्रीय वित्त पोषण सुरक्षित करने के लिए स्थल की पुष्टि अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यह केंद्र केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि भविष्य के ऊर्जा वैज्ञानिकों के लिए एक नवाचार प्रयोगशाला बनेगा।
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह परियोजना विशाखापत्तनम के पर्यटन और शैक्षिक परिदृश्य को बदल सकती है। पारंपरिक विज्ञान संग्रहालयों के विपरीत, यह केंद्र ऊर्जा संरक्षण, नवीकरणीय प्रौद्योगिकियों और व्यावहारिक नवाचार पर ध्यान केंद्रित करेगा। यहाँ 3D प्रिंटिंग और प्रोटोटाइपिंग जैसे डिजिटल फैब्रिकेशन टूल उपलब्ध होंगे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में विज्ञान केंद्रों का विकास दशकों से हो रहा है, लेकिन ऊर्जा जैसे विशिष्ट विषय पर केंद्रित 'फैब लैब्स' का समावेश एक नई दिशा है। SPOCS योजना का उद्देश्य विज्ञान को आम जनता और छात्रों के बीच लोकप्रिय बनाना है।
Why This Matters
यह केंद्र स्थानीय युवाओं के बीच एक उद्यमी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने में मदद करेगा। यह छात्रों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों को टिकाऊ ऊर्जा मॉडल और स्वच्छ तकनीक के साथ इंटरैक्ट करने का अवसर प्रदान करेगा, जिससे आंध्र प्रदेश में हरित ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
Frequently Asked Questions
1. यह विज्ञान केंद्र कहाँ स्थित होगा?
यह विशाखापत्तनम के कैलाशगिरी हिल्स पर तेलुगु संग्रहालय के पास स्थित होगा।
2. इस परियोजना के लिए मुख्य वित्त पोषण कौन करेगा?
इस परियोजना को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय से वित्तीय सहायता मिलने की उम्मीद है।