तेनकासी के किसान चित्तार नदी पर चेक-डैम बनाने की मांग कर रहे हैं ताकि सूखे की स्थिति में 500 एकड़ कृषि भूमि को बचाया जा सके। उन्होंने जिला कलेक्टर को याचिका सौंपकर जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधारने की अपील की है।
- इनाम वेल्लाक्कल, कीझपावूर पंचायत यूनियन के किसान चित्तार नदी पर चेक-डैम के निर्माण की मांग कर रहे हैं।
- चेक-डैम बनने से 500 एकड़ से अधिक कृषि भूमि की सिंचाई सुनिश्चित होगी।
- यह परियोजना भूजल स्तर को सुधारने और मानसून की विफलता से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
तेनकासी जिले के कीझपावूर पंचायत यूनियन के अंतर्गत आने वाले गांवों के किसानों ने अपनी आजीविका को बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सोमवार को, इनाम वेल्लाक्कल, कीझवेला वेल्लाक्कल और इडैयार्थवनई के किसानों के एक समूह ने जिला कलेक्टर रणजीत सिंह को एक औपचारिक याचिका सौंपी। इस याचिका का मुख्य उद्देश्य चित्तार नदी पर इनाम वेल्लाक्कल के पास एक चेक-डैम का निर्माण करवाना है।
किसानों का तर्क है कि इन क्षेत्रों में लगभग 500 एकड़ से अधिक भूमि पर खेती पूरी तरह से चित्तार नदी के पानी पर निर्भर है। वर्तमान में, यह नदी सिंचाई का एकमात्र स्रोत है। यदि मानसून विफल होता है या नदी सूख जाती है, तो स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो सकती है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कृषि प्रधान क्षेत्रों में जल प्रबंधन की कमी सीधे तौर पर ग्रामीण ऋणग्रस्तता और पलायन का कारण बनती है। चित्तार नदी पर चेक-डैम का निर्माण केवल सिंचाई का साधन नहीं है, बल्कि यह एक रणनीतिक जल संचयन मॉडल है जो भविष्य के जलवायु परिवर्तनों के खिलाफ सुरक्षा कवच प्रदान करेगा।
चेक-डैम का निर्माण न केवल सतह के पानी को रोकेगा, बल्कि यह आस-पास के क्षेत्रों में भूजल के स्तर को बढ़ाने के लिए एक प्राकृतिक रिचार्ज प्रणाली के रूप में कार्य करेगा।
याचिका में विस्तार से बताया गया है कि चेक-डैम के निर्माण से न केवल खड़ी फसलों को सुरक्षा मिलेगी, बल्कि यह मिट्टी की नमी को बनाए रखने में भी मदद करेगा। किसानों ने चेतावनी दी है कि बिना उचित जल प्रबंधन के, इस क्षेत्र की आजीविका संकट में पड़ सकती है।
अन्य महत्वपूर्ण मांगें
इस जनसुनवाई के दौरान अन्य मुद्दे भी सामने आए। थिप्पनमपत्ति के पंडियारजा ने कोर्टालम में 'यूज़-एंड-थ्रो' प्लास्टिक उत्पादों की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने यह भी मुद्दा उठाया कि पश्चिमी घाट के पास स्थित TASMAC शराब की दुकानों से निकलने वाली कांच की बोतलें जंगलों और खेतों में फेंकी जा रही हैं, जिससे वन्यजीवों और किसानों को गंभीर चोट पहुँच रही है।
इसके अतिरिक्त, अज़ाद नगर में एक आकस्मिक विस्फोट के कारण क्षतिग्रस्त हुए घरों के लिए मुआवजे की मांग भी कलेक्टर के समक्ष रखी गई। 4 सितंबर को हुए इस विस्फोट ने पड़ोसी घरों को भी भारी नुकसान पहुँचाया है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: किसानों की मुख्य मांग क्या है?
उत्तर: किसान चित्तार नदी पर एक चेक-डैम के निर्माण की मांग कर रहे हैं ताकि सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित हो सके।
प्रश्न 2: इससे कितने क्षेत्र को लाभ होगा?
उत्तर: इस परियोजना से लगभग 500 एकड़ कृषि भूमि को सुरक्षा मिलेगी।