केरल के इदुक्की जिले में एक पुराने भवन को गिराने के दौरान हुए हादसे में दो लोगों की जान चली गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना थोडुपुझा के मुथलाक्कोडम क्षेत्र में घटित हुई।

  • इदुक्की के मुथलाक्कोडम में भवन ढहाने के दौरान हादसा हुआ।
  • दो लोगों की मौत हुई, जबकि दो श्रमिक गंभीर रूप से घायल हैं।
  • घटना के समय कंक्रीट का सनशेड स्लैब अचानक गिर गया था।
  • पुलिस और प्रशासन सुरक्षा चूक की जांच कर रहे हैं।

केरल के इदुक्की जिले के थोडुपुझा स्थित मुथलाक्कोडम में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ एक भवन को ढहाने (demolition) के दौरान मलबे में दबने से दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान कोथमंगलम निवासी 61 वर्षीय जॉय पी.जे. और मलयिनकीझु निवासी 45 वर्षीय अनूप मैथ्यू के रूप में हुई है। इस घटना में दो अन्य श्रमिक, असम के मिथिल मंडल (25) और तमिलनाडु के गोविंदराज भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना दोपहर करीब 3:45 बजे मुथलाक्कोडम गर्ल्स हाई स्कूल के पास स्थित 'सांजो भवन' में हुई। यह भवन सिरो-मालाबार चर्च के कोथमंगलम सूबा (diocese) के तहत पुजारियों के लिए एक रिटायरमेंट होम के रूप में उपयोग किया जा रहा था। चर्च अधिकारियों ने यहाँ एक नया रेस्ट होम बनाने का निर्णय लिया था, जिसके लिए पुराने ढांचे को गिराने का ठेका जॉय को दिया गया था।

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक, जब श्रमिक भवन से लकड़ी के हिस्सों को हटा रहे थे, तभी अचानक एक कंक्रीट का सनशेड स्लैब ढह गया। यह भारी मलबा सीधे जॉय, अनूप, मिथिल और गोविंदराज के ऊपर गिर गया, जिससे वे मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय पुलिस और केरल फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों को मलबे से बाहर निकाला और तुरंत सेंट जॉर्ज अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने दो को मृत घोषित कर दिया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this incident highlights a recurring gap in safety protocols during small-to-medium scale demolition projects in urban and semi-urban areas. While permits may be in place, the actual on-site execution often lacks professional structural supervision, leading to preventable tragedies.

भवन ढहाने की प्रक्रिया में संरचनात्मक स्थिरता का आकलन किए बिना काम करना जानलेवा साबित हो सकता है।

कोथमंगलम सूबा के चांसलर फादर जोस कुलथूर ने स्पष्ट किया कि नगर पालिका से demolition और नए निर्माण के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां ली गई थीं। उन्होंने यह भी बताया कि हादसे से पहले ही पुजारियों को पुरानी इमारत से सुरक्षित बाहर स्थानांतरित कर दिया गया था।

इदुक्की जिला कलेक्टर दिनेशन चेरुवत्त ने इस घटना पर तत्काल रिपोर्ट मांगी है। थोडुपुझा के डीएसपी साजी मार्कोस ने आश्वासन दिया है कि पुलिस इस बात की गहन जांच करेगी कि क्या डिमोलिशन प्रक्रिया के दौरान किसी सुरक्षा मानक की अनदेखी की गई थी।

क्या आप जानते हैं? निर्माण और विध्वंस कार्यों में 'सेफ्टी ऑडिट' एक कानूनी अनिवार्यता है, जो यह सुनिश्चित करती है कि आसपास की संरचनाएं और श्रमिक सुरक्षित रहें।

Frequently Asked Questions

1. यह हादसा कहाँ और क्यों हुआ?
यह हादसा इदुक्की के मुथलाक्कोडम में सांजो भवन नामक एक पुराने रिटायरमेंट होम को गिराने के दौरान हुआ, जब एक कंक्रीट स्लैब अचानक गिर गया।

2. क्या निर्माण के लिए अनुमति ली गई थी?
हाँ, चर्च अधिकारियों के अनुसार थोडुपुझा नगर पालिका से विध्वंस और नए निर्माण दोनों के लिए अनुमति ली गई थी।