स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में विजयवाड़ा नगर निगम (VMC) ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वार्ड 60 को राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान और वार्ड 31 को राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ वार्ड घोषित किया गया है।

  • वार्ड 60 को राष्ट्रीय स्तर पर 'सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले वार्डों' में दूसरा स्थान मिला।
  • वार्ड 31 को आंध्र प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले वार्ड के रूप में मान्यता दी गई।
  • VMC को कुल ₹45 लाख का नकद पुरस्कार प्राप्त हुआ।
  • यह पुरस्कार राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत दिया गया।

विजयवाड़ा: राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत आयोजित स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में विजयवाड़ा नगर निगम (VMC) ने देश भर में अपनी छाप छोड़ी है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा आयोजित इस सर्वेक्षण में VMC के दो वार्डों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त किए हैं।

नई दिल्ली में 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस' के अवसर पर आयोजित एक भव्य समारोह में, VMC कमिश्नर ध्यानचंद्र एच.एम. ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह से ये पुरस्कार प्राप्त किए। इस गौरवशाली उपलब्धि के साथ, विजयवाड़ा नगर निगम को ₹30 लाख का नकद पुरस्कार भी प्रदान किया गया।

वार्डों की विशिष्ट उपलब्धियां

वार्ड 60 ने इस सर्वेक्षण में 200 में से 190 अंक प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है। कमिश्नर के अनुसार, इस सफलता का मुख्य श्रेय वार्ड में स्थित 'रिड्यूस, रियूज, रीसायकल सेंटर' को जाता है। यहाँ 'मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी' (MRF) के माध्यम से कचरे का व्यवस्थित पृथक्करण किया जाता है, जिससे पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को सफलतापूर्वक निकाला जाता है।

वहीं, वार्ड 31 ने राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला वार्ड होने का गौरव प्राप्त किया है। इस वार्ड ने पूर्ण अंक प्राप्त किए और ₹15 लाख का नकद पुरस्कार जीता। वार्ड 31 की सफलता के पीछे वर्मीकंपोस्टिंग, श्मशान घाटों में वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु आधुनिक उपकरणों की स्थापना, एलुरु नहर के किनारे हरियाली का विकास और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशन की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कदम रहे हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि विजयवाड़ा का यह मॉडल अन्य शहरी निकायों के लिए एक ब्लूप्रिंट के रूप में कार्य कर सकता है। वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन और हरित आवरण (Green Cover) के बीच का संतुलन ही भविष्य के टिकाऊ शहरों की नींव रखेगा।

कचरे से निर्माण सामग्री (ईंटें) बनाना और वैज्ञानिक तरीके से जैविक कचरे का प्रबंधन करना ही वायु गुणवत्ता में सुधार का असली मंत्र है।

ऐतिहासिक रूप से, भारत के शहरी क्षेत्रों में वायु प्रदूषण एक गंभीर चुनौती रहा है। NCAP जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य शहरों में प्रदूषण के स्तर को कम करना है। विजयवाड़ा द्वारा अपनाई गई तकनीकें, जैसे निर्माण और विध्वंस कचरे से ईंटें बनाना, इस दिशा में एक क्रांतिकारी कदम हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: वार्ड 60 ने राष्ट्रीय स्तर पर कौन सा स्थान प्राप्त किया?
उत्तर: वार्ड 60 ने राष्ट्रीय स्तर पर 'सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले वार्डों' की श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।

प्रश्न 2: विजयवाड़ा नगर निगम को कुल कितना नकद पुरस्कार मिला?
उत्तर: VMC को वार्ड 60 के लिए ₹30 लाख और वार्ड 31 के लिए ₹15 लाख, यानी कुल ₹45 लाख प्राप्त हुए।

Did You Know?: वैज्ञानिक तरीके से कचरे का प्रबंधन करने से न केवल प्रदूषण कम होता है, बल्कि इससे नई आर्थिक संपत्तियां जैसे कंपोस्ट और पुनर्चक्रित सामग्री भी बनाई जा सकती है।