एक वैश्विक अध्ययन से पता चला है कि 91 देशों के किशोरों के पढ़ने और गणित के स्कोर में भारी गिरावट आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल स्क्रीन का बढ़ता उपयोग इस बौद्धिक संकट का मुख्य कारण है।

  • किशोरों के पढ़ने और गणित के स्कोर इस सदी के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं।
  • OECD PISA डेटा के अनुसार, यह गिरावट 91 विभिन्न देशों में देखी गई है।
  • गहन पढ़ने (Deep Reading) की आदतों में कमी का मुख्य कारण बढ़ता स्क्रीन टाइम है।
  • OECD के प्रोग्राम फॉर इंटरनेशनल स्टूडेंट असेसमेंट (PISA) के हालिया आंकड़ों ने वैश्विक शिक्षा क्षेत्र में हलचल मचा दी है। निष्कर्ष बताते हैं कि 91 देशों के किशोर, पढ़ने और गणित जैसी मुख्य दक्षताओं में पिछले सौ वर्षों की तुलना में सबसे खराब प्रदर्शन कर रहे हैं। यह गिरावट किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शैक्षणिक दक्षता में एक प्रणालीगत वैश्विक पतन को दर्शाती है।

    शोधकर्ताओं ने इसका मुख्य कारण स्क्रीन टाइम में हुई घातीय वृद्धि को माना है। शॉर्ट-फॉर्म वीडियो और सोशल मीडिया के प्रसार के साथ, किशोरों की 'गहन पढ़ने' की संज्ञानात्मक क्षमता—यानी लंबे समय तक किसी जटिल पाठ पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता—कम हो गई है। किताबों के रैखिक पठन (Linear Reading) से हटकर डिजिटल स्क्रॉलिंग की ओर बदलाव किशोर मस्तिष्क के सूचना प्रसंस्करण के तरीके को मौलिक रूप से बदल रहा है।

    यह क्यों महत्वपूर्ण है

    BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक शैक्षणिक विफलता नहीं है, बल्कि एक संज्ञानात्मक बदलाव है। जब किशोर पाठ से जटिल जानकारी को संश्लेषित करने की क्षमता खो देते हैं, तो उनकी आलोचनात्मक सोच और समस्या-समाधान कौशल रुक जाते हैं। एक वैश्विक अर्थव्यवस्था में, जहां उच्च-स्तरीय विश्लेषणात्मक कौशल की मांग बढ़ रही है, ऐसा প্রজন্ম गंभीर प्रतिस्पर्धात्मक नुकसान का सामना करेगा।

    "पन्नों से पिक्सेल तक के बदलाव ने आलोचनात्मक संश्लेषण को सतही स्कैनिंग से बदल दिया है, जिससे बौद्धिक सहनशक्ति में मापने योग्य गिरावट आई है।"

    ऐतिहासिक रूप से, साक्षरता दर सामाजिक प्रगति का स्वर्ण मानक रही है। हालांकि, डिजिटल युग ने एक विरोधाभास पेश किया है: जबकि जानकारी पहले से कहीं अधिक सुलभ है, उस जानकारी को समझने और उसका विश्लेषण करने की क्षमता अब तक के सबसे निचले स्तर पर है। PISA 2025 के अनुमान बताते हैं कि तत्काल हस्तक्षेप के बिना, डिजिटल साक्षरता और वास्तविक संज्ञानात्मक साक्षरता के बीच की खाई और चौड़ी हो जाएगी।

    मानदंडडिजिटल युग से पहलेवर्तमान डिजिटल युग
    पढ़ने की आदतरैखिक और गहनखंडित और सतही
    एकाग्रता अवधिविस्तृत/केंद्रितकम/रुक-रुक कर
    परीक्षा परिणामस्थिर/सुधरते हुएसदी का न्यूनतम स्तर
    क्या आप जानते हैं?: अध्ययन बताते हैं कि डिजिटल स्क्रीन की तुलना में कागज पर पढ़ने से समझ और याद रखने की क्षमता में सुधार होता है।

    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

    प्रश्न: यह अध्ययन किस संगठन ने किया है?
    उत्तर: यह डेटा OECD (ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट) द्वारा आयोजित PISA परीक्षणों पर आधारित है।

    प्रश्न: क्या यह गिरावट केवल विकसित देशों में हो रही है?
    उत्तर: नहीं, इस अध्ययन में दुनिया भर के 91 देश शामिल हैं, जो विभिन्न आर्थिक पृष्ठभूमि के देशों में एक व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाते हैं।