मंगलुरु नगर निगम (MCC) में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों के प्रसंस्करण में भारी देरी हो रही है, जिससे आम जनता परेशान है। अधिकारियों ने इस देरी के लिए 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) ड्यूटी का हवाला दिया है।
- मंगलुरु नगर निगम (MCC) में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों के लिए आवेदकों की लंबी कतारें।
- प्रशासन द्वारा कर्मचारियों की कमी और SIR ड्यूटी को देरी का मुख्य कारण बताया गया।
- डिजिटल भुगतान की कमी और खराब एटीएम ने नागरिकों की समस्याओं को और बढ़ाया।
मंगलुरु के नागरिकों के लिए बुनियादी सरकारी दस्तावेजों को प्राप्त करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। मंगलुरु नगर निगम (MCC) के जन्म और मृत्यु पंजीकरण सेल में आवेदनों के प्रसंस्करण में अत्यधिक देरी हो रही है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्हें एक साधारण सुधार या प्रमाणपत्र के लिए हफ्तों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
हाल ही में जब मीडिया टीम ने पंजीकरण सेल का दौरा किया, तो वहां स्थिति काफी तनावपूर्ण दिखी। आवेदन जमा करने, शुल्क भुगतान करने और प्रमाणपत्र लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें लगी थीं। एक ऑटो रिक्शा चालक, बसवराज ने बताया कि उन्हें अपने बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र में सुधार के लिए 15 दिन बाद आने को कहा गया है। अधिकारियों का तर्क है कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) कार्य के कारण अधिकांश कर्मचारियों को वहां तैनात कर दिया गया है, जिससे सेल में स्टाफ की भारी कमी हो गई है।
प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह है कि कई आवेदक अपने दस्तावेजों के गुम होने की शिकायत कर रहे हैं। एक थिएटर कलाकार ने आरोप लगाया कि उनके बेटे के कक्षा 10 के प्रमाणपत्र सुधार की फाइल गायब हो गई थी, जिसके लिए उन्हें दस बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the reliance on manual cash payments and the lack of UPI facilities in a digital-first India highlight a systemic failure in urban governance. When critical life-event documents are delayed, it directly impacts citizens' ability to access education, insurance, and legal rights, creating a ripple effect of hardship.
"The diversion of essential administrative staff to temporary revision exercises without providing backup personnel is a failure of resource management."
सुविधाओं की कमी केवल स्टाफ तक सीमित नहीं है। निगम भवन में लगा एटीएम खराब है और सेल में UPI भुगतान की कोई सुविधा नहीं है, जिससे लोगों को नकद भुगतान के लिए बाहर जाना पड़ता है।
इस मामले पर MCC आयुक्त राहुल राठमन पांडे ने कहा कि सेल के संचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम नियुक्त की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट आने के बाद एक निश्चित समय सीमा तय की जाएगी ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: MCC में प्रमाणपत्रों में देरी का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: प्रशासन के अनुसार, कर्मचारियों को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) ड्यूटी में लगाया गया है, जिससे पंजीकरण सेल में स्टाफ की कमी हो गई है।
प्रश्न 2: क्या MCC में ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध है?
उत्तर: नहीं, वर्तमान में सेल में केवल नकद भुगतान स्वीकार किया जा रहा है और UPI की सुविधा उपलब्ध नहीं है।