कैपामंगलम में एनएच 66 पर हुए भीषण सड़क हादसों के बाद स्थानीय लोगों और विधायक के. के. वलसराज ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
- एनएच 66 पर सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के कारण पिछले 10 दिनों में 10 लोगों की मौत।
- इंजीनियरिंग के 8 छात्रों की मौत के पीछे अवैध पार्किंग और खराब निगरानी को जिम्मेदार ठहराया गया।
- विधायक वलसराज ने चेतावनी बोर्ड की कमी और खराब लाइटिंग का मुद्दा उठाया।
केरल के कैपामंगलम में मंगलवार को एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग 66 (NH 66) के निर्माण कार्य में गंभीर सुरक्षा खामियों का मुद्दा उठाया गया। इस प्रदर्शन का मुख्य कारण हाल ही में हुआ वह हृदयविदारक हादसा था, जिसमें एक कार के खड़े मालवाहक वाहन से टकराने के कारण आठ इंजीनियरिंग छात्रों की जान चली गई थी।
सभा को संबोधित करते हुए स्थानीय विधायक के. के. वलसराज ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य करने वाली कंपनी और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के बीच समन्वय की भारी कमी है। उन्होंने कहा कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में काम करते समय सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे यह राजमार्ग एक 'डेथ ट्रैप' बनता जा रहा है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बुनियादी ढांचे का विकास तब तक निरर्थक है जब तक कि वह मानवीय जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित न करे। एनएच 66 जैसे महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी न केवल स्थानीय निवासियों के लिए खतरा है, बल्कि यह सरकारी ठेकेदारों की जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
विधायक वलसराज ने विशेष रूप से अवैध पार्किंग के मुद्दे को उठाया। उन्होंने बताया कि निर्माण कंपनी के वाहन और कंटेनर लॉरी राजमार्ग के बीचों-बीच खड़े किए जाते हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के लिए खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, पुलिस और NHAI द्वारा गश्त की कमी ने इस स्थिति को और बदतर बना दिया है।
"सड़क सुरक्षा केवल संकेतों के बारे में नहीं है, बल्कि यह सख्त निगरानी और नियमों के कार्यान्वयन के बारे में है, जिसमें NHAI पूरी तरह विफल रहा है।"
सुरक्षा खामियों की सूची में चेतावनी बोर्डों का अभाव भी शामिल है। वलसराज के अनुसार, सर्विस रोड की ओर मोड़ने वाले डायवर्जन से कम से कम 200 मीटर पहले चेतावनी बोर्ड होने चाहिए, लेकिन दुर्घटना स्थल पर ऐसा कोई संकेत नहीं था। इसके अलावा, किझक्कुम्पाराम के 28 परिवारों का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि सर्विस रोड न होने के कारण लोग जान जोखिम में डालकर हाईवे पार करने को मजबूर हैं।
स्थानीय निवासियों ने रात के समय अपर्याप्त लाइटिंग की शिकायत भी की, जो दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण बन रही है। विधायक ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने कई बैठकों में आश्वासन तो दिए, लेकिन जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: कैपामंगलम में हाल ही में क्या बड़ी दुर्घटना हुई?
उत्तर: एक भीषण सड़क हादसे में आठ इंजीनियरिंग छात्रों की मौत हो गई जब उनकी कार हाईवे पर खड़े एक मालवाहक वाहन से टकरा गई।
प्रश्न 2: विधायक के. के. वलसराज की मुख्य मांगें क्या हैं?
उत्तर: उनकी मुख्य मांगों में सुरक्षा दिशानिर्देशों का सख्त पालन, अवैध पार्किंग पर रोक, पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाना और सर्विस रोड का निर्माण शामिल है।