एल नीनो (El Nino) के कारण बढ़ती बिजली की खपत को देखते हुए, सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) ने अपने कोयला उत्पादन का 90% हिस्सा तेलंगाना के थर्मल स्टेशनों को देने का निर्णय लिया है।
- SCCL ने केवल अगस्त में तेलंगाना के संयंत्रों को 3.62 मिलियन टन कोयला supplied किया।
- एल नीनो के प्रभाव से ऊर्जा मांग बढ़ी, जिससे पीक लोड 18,200 MW के पार पहुंच गया।
- TG-Genco ने कोल इंडिया लिमिटेड से अतिरिक्त 5 मिलियन टन कोयले की मांग की है।
- पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों ने भी सिंगरेनी से आपूर्ति की अपील की है।
एल नीनो (El Nino) की स्थितियों के कारण मानसून में अस्थिरता देखी जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप देश भर में ऊर्जा की मांग में भारी वृद्धि हुई है। इस स्थिति ने TG-Genco सहित कई थर्मल पावर कंपनियों को अतिरिक्त कोयले की तलाश करने पर मजबूर कर दिया है ताकि बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।
राज्य की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) ने स्पष्ट किया है कि उसकी प्राथमिकता स्थानीय मांग को पूरा करना है। आंकड़ों के अनुसार, अगस्त के दौरान कुल कोयला प्रेषण (dispatches) का लगभग 90% हिस्सा तेलंगाना के थर्मल पावर स्टेशनों को भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि कुल 4.05 मिलियन टन की आपूर्ति में से 3.62 मिलियन टन अकेले तेलंगाना के भीतर उपयोग किया गया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम 'ऊर्जा सुरक्षा' को व्यावसायिक लाभ से ऊपर रखने की रणनीति है। यदि SCCL अन्य राज्यों की मांग को प्राथमिकता देता, तो तेलंगाना में ग्रिड फेल्योर या बिजली कटौती का गंभीर खतरा हो सकता था। वर्तमान में, TG-Genco को अपनी कुल कोयला आपूर्ति का लगभग 50% हिस्सा सिंगरेनी से मिल रहा है।
जलवायु परिवर्तन और मौसम की विसंगतियों के कारण होने वाले बिजली के झटकों से बचने के लिए स्थानीय आपूर्ति को प्राथमिकता देना एक आवश्यक कदम है।
हालांकि, सिंगरेनी की कोयले की मांग केवल तेलंगाना तक सीमित नहीं है। पश्चिम बंगाल के दामोदर घाटी निगम (DVC), दुर्गापुर के NTECL और तमिलनाडु के NTECL जैसे कई बिजली उपयोगिताओं ने अगले छह महीनों के लिए लगभग 5.2 मिलियन टन कोयले की मांग की है। व्यावसायिक अवसर होने के बावजूद, कंपनी ने घरेलू राज्य को प्राथमिकता दी है।
बिजली की खपत के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। 7 सितंबर को तेलंगाना में पीक लोड 18,227 मेगावाट दर्ज किया गया, जो कि 13 मार्च को बने अब तक के उच्चतम स्तर (18,228 MW) के बेहद करीब है। इस महीने के पहले सात दिनों में दैनिक ऊर्जा खपत 300 मिलियन यूनिट से अधिक रही है।
| पैरामीटर | अगस्त के आंकड़े | प्रभाव/संदर्भ |
|---|---|---|
| कुल कोयला आपूर्ति | 4.05 मिलियन टन | कुल SCCL उत्पादन |
| तेलंगाना को आपूर्ति | 3.62 मिलियन टन | ~90% स्थानीय प्राथमिकता |
| पीक पावर लोड | 18,227 MW | रिकॉर्ड स्तर के करीब |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: सिंगरेनी की मदद के बावजूद TG-Genco कोल इंडिया से कोयला क्यों मांग रहा है?
TG-Genco को निम्न-श्रेणी के कोयले के कारण दक्षता संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की आवश्यकता है।
प्रश्न 2: किन अन्य राज्यों ने सिंगरेनी से कोयले की मांग की है?
पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और हरियाणा (NSPCL-जजजर) के बिजली संयंत्रों ने आपूर्ति के लिए अनुरोध किया है।