चित्तूर के पूर्व चार बार के विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता के. अचुतन का अंतिम संस्कार उनके पैतृक निवास पर किया गया। मुख्यमंत्री वी. डी. सथीसन सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • चित्तूर के चार बार के विधायक के. अचुतन का सोमवार को निधन हो गया।
  • हजारों की संख्या में आम जनता और शीर्ष राजनीतिक नेताओं ने अंतिम दर्शन किए।
  • मुख्यमंत्री वी. डी. सथीसन ने उन्हें राजनीति से परे एक सामाजिक स्तंभ बताया।

पलक्कड़ के चित्तूर शहर में मंगलवार को उस समय सन्नाटा पसर गया जब हजारों लोग वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक के. अचुतन को अंतिम विदाई देने उमड़ पड़े। सोमवार को उनका निधन हो गया था, जिसके बाद चालाकलथ स्थित उनके निवास पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।

अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री वी. डी. सथीसन ने शिरकत की और दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री अचुतन का आम लोगों के साथ बहुत गहरा रिश्ता था और वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि चित्तूर के सामाजिक जीवन के एक प्रमुख व्यक्तित्व थे। उन्होंने कहा कि के. अचुतन के जाने से चित्तूर के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया है।

दिवंगत नेता का पार्थिव शरीर उनके घर से एक विशाल जुलूस के रूप में नेहरू ऑडिटोरियम ले जाया गया, जहाँ आम जनता के लिए दर्शन रखा गया। इसके बाद पार्थिव शरीर को नगर पालिका मैदान और फिर थतमंगलम सहकारी बैंक में रखा गया, ताकि शहर के हर वर्ग के लोग उन्हें विदाई दे सकें।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, के. अचुतन का निधन केवल एक राजनेता की क्षति नहीं है, बल्कि यह केरल की जमीनी राजनीति के एक खास दौर का अंत है। 1996 से 2016 तक लगातार चार बार (1996, 2001, 2006 और 2011) चुनाव जीतना यह दर्शाता है कि जनता के बीच उनकी कितनी गहरी पैठ थी, जो आज की ध्रुवीकृत राजनीति में दुर्लभ है।

के. अचुतन की विरासत उनकी इस क्षमता में निहित थी कि वे एक शक्तिशाली विधायक होने के साथ-साथ एक विनम्र जनसेवक भी रहे।

विधायिका के अलावा, श्री अचुतन ने थतमंगलम सर्विस कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष और चित्तूर-थतमंगलम नगर पालिका के अध्यक्ष के रूप में भी महत्वपूर्ण सेवाएं दीं। इन पदों के माध्यम से उन्होंने क्षेत्र के आर्थिक और शहरी विकास में सीधी भूमिका निभाई।

श्रद्धांजलि देने वालों में सांसद के. सुधाकरन, सांसद बेनी बेहनन, विधायक के. प्रेमन, मैथ्यू कुझलनादन, रम्या हरिदास और रमेश पिशारोडी जैसे दिग्गज नेता शामिल थे। साथ ही जिला कलेक्टर सुधीर के. और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने उनके व्यापक प्रभाव को स्पष्ट किया।

क्या आप जानते हैं?: के. अचुतन ने केरल की राजनीति में एक दुर्लभ उपलब्धि हासिल की थी, जहाँ उन्होंने 20 वर्षों तक एक ही निर्वाचन क्षेत्र से लगातार चार बार जीत दर्ज की।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

के. अचुतन कौन थे?
के. अचुतन एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता और चित्तूर के पूर्व विधायक थे, जिन्होंने 1996 से 2016 तक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।

उनके अंतिम संस्कार में कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल हुए?
मुख्यमंत्री वी. डी. सथीसन, सांसद के. सुधाकरन, सांसद बेनी बेहनन और कई अन्य विधायक एवं जिला अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।