मैसूर दशहरा के दौरान शहर की रोशनी के लिए पेड़ों को नुकसान पहुँचाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। CESC चेयरमैन ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि रोशनी लगाने के लिए पेड़ों में कीलों का उपयोग न किया जाए।

  • पेड़ों में कील ठोकने और उन्हें नुकसान पहुँचाने पर पूर्ण प्रतिबंध।
  • इस वर्ष रोशनी के लिए एक नया और आकर्षक डिजाइन पेश किया जाएगा।
  • सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश।

मैसूर के ऐतिहासिक दशहरा उत्सव की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं। इस वर्ष, उत्सव की भव्यता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। CESC चेयरमैन और विधायक रमेश बंदीसिद्धेगोवड़ा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहर को रोशन करने के लिए लगाए जाने वाले डेकोरेशन लाइट्स से पेड़ों को कोई नुकसान नहीं होना चाहिए।

बुधवार को चामुंडेश्वरी इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कॉर्पोरेशन (CESC) कार्यालय में तैयारियों की समीक्षा करते हुए श्री बंदीसिद्धेगोवड़ा ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि रोशनी की व्यवस्था करते समय पेड़ों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में पेड़ों में कीलें नहीं ठोंकी जानी चाहिए, क्योंकि इससे प्रकृति को अपूरणीय क्षति होती है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this shift towards 'Eco-friendly Illumination' reflects a growing consciousness among urban administrators to balance cultural grandeur with environmental sustainability. In a city like Mysuru, where the green canopy is a point of pride, protecting the urban forest during high-traffic festivals sets a precedent for other Indian cities.

विधायक ने इस बात पर जोर दिया कि इस साल का इल्यूमिनेशन पिछले तीन वर्षों की तुलना में बिल्कुल अलग और नया होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की उम्मीदों और विजन के अनुरूप एक नया कॉन्सेप्ट तैयार किया जाए, जो पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आकर्षित करे।

"पर्यावरण और उत्सव का संतुलन ही आधुनिक शहरी प्रबंधन की असली सफलता है।"

तैयारियों को गति देने के लिए, अधिकारियों को पिछले वर्षों के अनुभवी विशेषज्ञों से सुझाव लेने और आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। CESC के अधीक्षण अभियंता सुनील कुमार ने बैठक में अब तक की गई प्रगति की जानकारी दी, जिसमें तकनीकी निदेशक एल. लोकेश और कई विद्युत ठेकेदार शामिल थे।

क्या आप जानते हैं?: मैसूर दशहरा दुनिया के सबसे भव्य उत्सवों में से एक है, जहाँ महल और पूरे शहर को लाखों एलईडी लाइट्स से सजाया जाता है, जो इसे एक 'सुनहरा शहर' बना देता है।

Frequently Asked Questions

1. पेड़ों की सुरक्षा के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं?
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे कीलों का उपयोग करने के बजाय वैकल्पिक फिक्सिंग विधियों का उपयोग करें ताकि पेड़ों के तनों को नुकसान न पहुँचे।

2. इस वर्ष की लाइटिंग में क्या नया होगा?
इस वर्ष एक नया और आकर्षक डिजाइन तैयार किया जा रहा है जो पिछले तीन वर्षों के पैटर्न से पूरी तरह अलग होगा।