अमेरिकी अधिकारियों ने वीजा नियमों के कथित उल्लंघन और धोखाधड़ी की जांच के बीच टेक दिग्गज कॉग्निजेंट और क्लाउडेरा की स्थायी श्रम प्रमाणन (PERM) फाइलिंग को निलंबित कर दिया है। यह कदम हजारों भारतीय आईटी पेशेवरों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।

  • अमेरिकी सरकार ने कॉग्निजेंट और क्लाउडेरा की PERM फाइलिंग निलंबित की।
  • आरोप है कि कंपनियों ने वीजा प्रक्रियाओं में धोखाधड़ी की है।
  • हजारों आईटी कर्मचारियों के ग्रीन कार्ड आवेदन अब अधर में लटके हैं।

अमेरिकी श्रम विभाग (US Department of Labor) ने एक कड़ा कदम उठाते हुए वैश्विक आईटी दिग्गज कॉग्निजेंट (Cognizant) और क्लाउडेरा (Cloudera) की स्थायी श्रम प्रमाणन (Permanent Labor Certification - PERM) फाइलिंग को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उन गंभीर आरोपों के बाद की गई है जिनमें इन कंपनियों पर वीजा नियमों के दुरुपयोग और धोखाधड़ी का संदेह जताया गया है।

PERM प्रक्रिया वह महत्वपूर्ण पहला कदम है जिसके माध्यम से विदेशी कर्मचारी अमेरिका में स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करते हैं। इस निलंबन का सीधा मतलब यह है कि अब ये कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए नए स्थायी निवास आवेदन जमा नहीं कर पाएंगी, जिससे हजारों कुशल पेशेवरों, विशेष रूप से भारतीयों के लिए अमेरिका में बसने का सपना खतरे में पड़ गया है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कार्रवाई केवल प्रशासनिक नहीं है, बल्कि अमेरिकी सरकार द्वारा एच-1बी (H-1B) वीजा प्रणाली के दुरुपयोग को रोकने के लिए शुरू किए गए व्यापक अभियान का हिस्सा है। जब बड़ी आईटी कंपनियां लागत कम करने के लिए नियमों में हेरफेर करती हैं, तो इससे न केवल स्थानीय अमेरिकी श्रमिकों के अवसर छिनते हैं, बल्कि कानूनी रूप से काम कर रहे विदेशी पेशेवरों के लिए भी जोखिम बढ़ जाता है।

वीजा नियमों का उल्लंघन न केवल कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि यह उन हजारों कर्मचारियों के करियर को जोखिम में डालता है जो पूरी तरह से कंपनी के कानूनी अनुपालन पर निर्भर होते हैं।

ऐतिहासिक रूप से, अमेरिकी सरकार ने समय-समय पर भारतीय आउटसोर्सिंग कंपनियों पर वीजा धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। अतीत में, कई कंपनियों को भारी जुर्माना भरने के बाद अपनी फाइलिंग प्रक्रियाएं बहाल करने की अनुमति मिली थी। हालांकि, इस बार 'हैंडकफ्स अवेत' (Handcuffs Await) जैसे सख्त लहजे संकेत देते हैं कि जांच एजेंसियां इस बार किसी बड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी में हो सकती हैं।

इस मामले का प्रभाव केवल कॉग्निजेंट तक सीमित नहीं रहेगा। यह अन्य वैश्विक आईटी सेवा प्रदाताओं के लिए एक चेतावनी है कि वे अपनी भर्ती और वीजा स्पॉन्सरशिप प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता बरतें।

क्या आप जानते हैं?: PERM प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी विदेशी कर्मचारी को नियुक्त करने से पहले नियोक्ता ने यह साबित किया हो कि उस पद के लिए कोई योग्य अमेरिकी नागरिक उपलब्ध नहीं था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: PERM फाइलिंग निलंबित होने का कर्मचारियों पर क्या असर होगा?
उत्तर: कर्मचारी अब ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया शुरू नहीं कर पाएंगे, जिससे उनकी अमेरिका में स्थायी रहने की पात्रता प्रभावित होगी।

प्रश्न 2: क्या यह रोक सभी वीजा श्रेणियों पर लागू है?
उत्तर: वर्तमान में यह विशेष रूप से स्थायी श्रम प्रमाणन (PERM) फाइलिंग पर लागू है, जो ग्रीन कार्ड का आधार है।