तेलंगाना के मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने इथेनॉल उत्पादन के तीन प्रमुख लाभ बताए हैं, जिसमें किसानों की आय में वृद्धि, प्रदूषण में कमी और विदेशी मुद्रा की बचत शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इथेनॉल प्लांट पर्यावरण के अनुकूल हैं।

  • किसानों को धान और गन्ने का बेहतर मूल्य मिलेगा।
  • इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से विदेशी मुद्रा भंडार की बचत होगी।
  • राज्य में वर्तमान में 7 इथेनॉल संयंत्र कार्यरत हैं।

तेलंगाना सरकार राज्य में इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। हाल ही में विधान परिषद में चर्चा के दौरान, मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने इथेनॉल उद्योग के आर्थिक और पर्यावरणीय लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह उद्योग न केवल औद्योगिक विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि इथेनॉल उद्योगों के आने से स्थानीय किसानों को अपनी फसलें, विशेष रूप से धान और गन्ना, अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर बेचने का अवसर मिलेगा। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और सीधे तौर पर किसानों की आय में वृद्धि होगी।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the shift towards ethanol blending is a strategic move to reduce India's heavy reliance on crude oil imports. By leveraging agricultural surplus, Telangana is positioning itself as a leader in the green energy transition, creating a circular economy where farm waste becomes fuel.

सदन में कुछ सदस्यों, जिनमें प्रो. कोडंडराम शामिल थे, ने इथेनॉल संयंत्रों से होने वाले संभावित प्रदूषण पर चिंता व्यक्त की थी। इस पर जवाब देते हुए मंत्री प्रभाकर ने कहा कि यह केवल एक गलतफहमी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये संयंत्र अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं और पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त हैं।

इथेनॉल का उत्पादन न केवल कार्बन उत्सर्जन को कम करता है, बल्कि कृषि क्षेत्र को एक नया औद्योगिक आधार प्रदान करता है।

इसके अतिरिक्त, मंत्री ने उल्लेख किया कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग से वाहनों के इंजन को कोई नुकसान नहीं पहुँच रहा है और ऐसा कोई मामला सरकार के संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने राज्य की EV पॉलिसी का भी जिक्र किया, जिसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर 100% टैक्स छूट दी जा रही है।

ऐतिहासिक रूप से, भारत सरकार का 'इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम' (EBP) देश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। तेलंगाना में वर्तमान में 7 इथेनॉल उद्योग संचालित हैं, जो इस लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

क्या आप जानते हैं?: इथेनॉल एक जैव-ईंधन (Biofuel) है जिसे मक्का, गन्ने और अन्य कृषि अपशिष्टों के किण्वन (Fermentation) से बनाया जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहनों को नुकसान होता है?
उत्तर: मंत्री पोन्नम प्रभाकर के अनुसार, अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है जिससे यह सिद्ध हो कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहनों को नुकसान पहुँचा है।

प्रश्न 2: तेलंगाना में कितने इथेनॉल प्लांट हैं?
उत्तर: वर्तमान में तेलंगाना राज्य में कुल सात इथेनॉल उद्योग कार्यरत हैं।