भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 और 15 सितंबर को पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। मानसून की लंबी सुस्ती के बाद अब उत्तर भारत में मौसम बदलने वाला है।

  • 14 और 15 सितंबर को पंजाब और हरियाणा में भारी बारिश की संभावना।
  • हिमाचल प्रदेश में व्यापक स्तर पर भारी वर्षा का अनुमान।
  • पंजाब में इस साल अब तक मानसून की बारिश में 35% की कमी दर्ज।
  • बठिंडा और भिवानी में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मौसम बुलेटिन जारी किया है। विभाग के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से पंजाब और हरियाणा में मानसून की गतिविधि काफी कमजोर रही है, लेकिन 14 और 15 सितंबर के दौरान एक नया सिस्टम सक्रिय होने से इन राज्यों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में दोनों राज्यों में केवल हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो पंजाब के बठिंडा में अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस और आदमपुर में न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, हरियाणा के भिवानी में पारा 36.5 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जबकि नारनौल में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मानसून की स्थिति और आंकड़ों का विश्लेषण

इस वर्ष मानसून की प्रगति निराशाजनक रही है। आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से अब तक पंजाब में सामान्य से 35% और हरियाणा में 23% कम बारिश हुई है। विशेष रूप से सितंबर महीने में पंजाब में 63% और हरियाणा में 45% बारिश की भारी कमी देखी गई है। अगस्त के महीने में भी पंजाब के पठानकोट और रूपनगर को छोड़कर लगभग सभी जिलों में बारिश औसत से नीचे रही है।

राज्य/क्षेत्रकुल वर्षा कमी (1 जून से)सितंबर वर्षा कमी
पंजाब35%63%
हरियाणा23%45%

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, मानसून की यह कमी सीधे तौर पर खरीफ की फसलों और भूजल स्तर को प्रभावित करती है। लंबे समय तक बारिश न होने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। अब 14-15 सितंबर की यह संभावित बारिश जहां राहत ला सकती है, वहीं अत्यधिक तीव्रता होने पर जलभराव की समस्या भी पैदा कर सकती है।

"पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का मेल उत्तर भारत में अचानक मौसम परिवर्तन का कारण बनता है, जो सूखे की स्थिति को कम कर सकता है।"

IMD ने बताया कि उत्तर हरियाणा और उसके आसपास निचले स्तर पर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है, साथ ही उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मध्य भाग में एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय है। इन प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में वर्षा होगी। विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश में व्यापक स्तर पर भारी बारिश की उम्मीद है।

क्या आप जानते हैं?: मानसून की कमी का सीधा असर पंजाब की धान की फसल पर पड़ता है, जिससे सिंचाई के लिए ट्यूबवेलों पर निर्भरता बढ़ जाती है और जल स्तर नीचे गिर जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: पंजाब और हरियाणा में भारी बारिश कब होगी?
उत्तर: मौसम विभाग के अनुसार 14 और 15 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है।

प्रश्न 2: इस साल मानसून की स्थिति कैसी रही है?
उत्तर: इस साल मानसून कमजोर रहा है, जिससे पंजाब में 35% और हरियाणा में 23% बारिश कम हुई है।