प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर भारत मंडपम में एक भव्य गाला डिनर की मेजबानी करेंगे, जिसमें 160 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। यह आयोजन सांस्कृतिक कूटनीति के माध्यम से सदस्य देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने का एक प्रयास है।

  • भारत मंडपम में 160 कलाकारों का एक विशाल समूह 'BRICS Symphony' पेश करेगा।
  • भारत और अन्य सदस्य देशों के शास्त्रीय नर्तक और संगीतकार इस आयोजन का हिस्सा होंगे।
  • 'संगम' अवधारणा पर आधारित एक विशेष 'फ्रेंडशिप मुरल' (भित्ति चित्र) तैयार किया जा रहा है।
  • ब्रिक्स 2026 शिखर सम्मेलन का मुख्य विषय 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता' है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन विश्व नेताओं के लिए एक विशेष गाला डिनर की मेजबानी करेंगे। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण 'BRICS Symphony' होगा, जिसमें भारत और अन्य सदस्य देशों के लगभग 160 कलाकार हिस्सा लेंगे। इस भव्य प्रदर्शन का समन्वय भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) द्वारा किया जा रहा है, जो विदेश मंत्रालय की सांस्कृतिक शाखा है।

इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारत की समृद्ध विविधता को प्रदर्शित करने के लिए भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, ओडिसी और कथक जैसे शास्त्रीय नृत्य रूपों का प्रदर्शन किया जाएगा। भारतीय कलाकारों के साथ-साथ अन्य ब्रिक्स सदस्य देशों के संगीतकार भी पारंपरिक वाद्ययंत्रों के माध्यम से एक वैश्विक सामंजस्य पैदा करेंगे। यह प्रदर्शन लगभग 20 से 25 मिनट तक चलेगा, जिसमें गायन और वादन का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, भारत का यह कदम केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक सोची-समझी 'सांस्कृतिक कूटनीति' (Cultural Diplomacy) है। वैश्विक राजनीति में जब तनाव बढ़ता है, तब कला और संस्कृति ऐसे सेतु का काम करते हैं जो देशों को करीब लाते हैं। भारत अपनी 'सॉफ्ट पावर' का उपयोग करके उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभा रहा है।

"सांस्कृतिक आदान-प्रदान राजनीतिक मतभेदों को कम करने और साझा मानवीय मूल्यों को खोजने का सबसे प्रभावी तरीका है।"

शिखर सम्मेलन के साथ-साथ, एक विशेष 'ब्रिक्स फ्रेंडशिप मुरल' प्रोजेक्ट पर भी काम किया जा रहा है। यह भित्ति चित्र 'संगम' की अवधारणा से प्रेरित है, जो विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं के मिलन का प्रतीक है। इस प्रोजेक्ट के लिए सदस्य देशों के कलाकार भारत आए हैं, जिन्होंने आगरा के ताजमहल और पारंपरिक जरदोजी कला का अनुभव किया है।

ऐतिहासिक रूप से, भारत ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य रहा है और 2012, 2016 और 2021 में इसकी अध्यक्षता कर चुका है। 2026 में भारत चौथी बार इस जिम्मेदारी को संभाल रहा है। ब्रिक्स अब केवल पांच देशों का समूह नहीं रहा, बल्कि इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई, सऊदी अरब और इंडोनेशिया जैसे देश शामिल हो चुके हैं, जिससे यह वैश्विक जनसंख्या का लगभग 49.5% और वैश्विक जीडीपी का 40% प्रतिनिधित्व करता है।

क्या आप जानते हैं?: ब्रिक्स समूह अब दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, जो इसे वैश्विक शासन में एक अत्यंत शक्तिशाली ब्लॉक बनाता है।

Frequently Asked Questions

1. 'BRICS Symphony' क्या है?
यह एक विशेष सांस्कृतिक प्रदर्शन है जिसमें भारत और अन्य ब्रिक्स देशों के 160 कलाकार संगीत और नृत्य के माध्यम से एकता का संदेश देंगे।

2. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का मुख्य विषय क्या है?
इस वर्ष का विषय 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) है।