न्यूयॉर्क के अधिकारी अब 'फोरेंसिक इन्वेस्टिगेटिव जेनेटिक जीनोलॉजी' (FIGG) जैसी जटिल तकनीक का उपयोग कर रहे हैं ताकि ग्राउंड जीरो से लापता 1,000 से अधिक पीड़ितों की पहचान की जा सके।
- ग्राउंड जीरो पर मारे गए लगभग 3,000 लोगों में से 40% की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
- नई FIGG तकनीक 'होल जीनोम सीक्वेंसिंग' के जरिए दूर के रिश्तेदारों से मिलान करने में सक्षम है।
- अग्निशनकों की वर्दी बदलने और अत्यधिक गर्मी के कारण डीएनए नमूने प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण रहा है।
न्यूयॉर्क सिटी के मुख्य चिकित्सा परीक्षक (Chief Medical Examiner) का कार्यालय 9/11 के आतंकवादी हमलों के 25 साल बाद भी उन अवशेषों की पहचान करने के लिए संघर्ष कर रहा है, जिन्हें कभी पहचाना नहीं जा सका। जुलियट स्काउसो जैसे हजारों परिवार आज भी इस इंतजार में हैं कि क्या उन्हें अपने प्रियजनों के अवशेष मिलेंगे। स्काउसो के पिता, अग्निशामक डेनिस स्काउसो, दक्षिण टॉवर के ढहने के दौरान मारे गए थे, और उनका केवल एक हेलमेट बरामद हुआ था।
हाल ही में, शहर ने 1,654वें पीड़ित की पहचान करने की घोषणा की है। यह सफलता फोरेंसिक इन्वेस्टिगेटिव जेनेटिक जीनोलॉजी (FIGG) नामक एक अत्याधुनिक तकनीक के कारण संभव हुई है। यह तकनीक पारंपरिक डीएनए परीक्षण से कहीं अधिक उन्नत है क्योंकि यह पूरे जीनोम की सीक्वेंसिंग करती है, जिससे जांचकर्ता उन रिश्तेदारों से भी मिलान कर सकते हैं जो पीड़ित के बहुत करीबी नहीं हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this is not merely a forensic exercise but a profound psychological mission. The inability to recover a body prevents many families from achieving 'closure,' leaving them in a state of ambiguous loss. The integration of FIGG technology represents a paradigm shift in forensic science, proving that biological evidence preserved decades ago can still yield answers as science evolves.
पहचान की प्रक्रिया में कई बाधाएं रही हैं। विमान दुर्घटनाओं और जेट ईंधन से लगी भीषण आग ने मानव अवशेषों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था। इसके अलावा, उस दिन की अफरा-तफरी में कई अग्निशामक दूसरों की वर्दी पहनकर मदद कर रहे थे, जिससे शुरुआती पहचान में भारी भ्रम पैदा हुआ।
"यह अब तक के सबसे जटिल पहचान प्रयासों में से एक रहा है, लेकिन नई तकनीक हमें उन परिवारों तक जवाब पहुँचाने की उम्मीद देती है जिन्होंने दशकों से इंतजार किया है।" - एंजेला सोलर, फोरेंसिक एंथ्रोपोलॉजी निदेशक।
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के अवशेषों को विशेष रूप से सील करके रखा गया है ताकि भविष्य की तकनीकों के लिए डीएनए सुरक्षित रहे। अब तक, डीएनए तकनीक की मदद से 1,495 पीड़ितों की पहचान हो चुकी है। कई परिवार अब अपने प्रियजनों के अवशेषों को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के नीचे बनी एक विशेष रिपॉजिटरी में रखने का विकल्प चुनते हैं, जहाँ वे अपनी अंतिम सांसों के करीब रह सकें।
| साइट | कुल मृतक | पहचान की स्थिति | मुख्य चुनौती |
|---|---|---|---|
| वर्ल्ड ट्रेड सेंटर | ~2,753 | 60% पहचाने गए | अत्यधिक ताप और मलबे का ढेर |
| पेंटागन | 184 | अधिकांश पहचाने गए | गंभीर शारीरिक क्षति |
| शंक्सविले (PA) | 40 | पूर्ण पहचान | सीमित मलबे का क्षेत्र |
Frequently Asked Questions
1. FIGG तकनीक पारंपरिक डीएनए टेस्ट से कैसे अलग है?
FIGG पूरे जीनोम की सीक्वेंसिंग करती है, जिससे दूर के पारिवारिक संबंधों (distant relatives) का पता लगाकर पहचान करना संभव हो जाता है, जबकि साधारण डीएनए टेस्ट के लिए करीबी रिश्तेदारों की आवश्यकता होती है।
2. क्या सभी परिवार अवशेषों की पहचान चाहते हैं?
नहीं, कुछ परिवार जैसे कि स्काउसो परिवार, अब इस प्रक्रिया से बचना चाहते हैं क्योंकि उन्हें डर है कि 25 साल बाद यह खबर उनके पुराने जख्मों को फिर से हरा कर देगी।