ब्रिटेन सरकार इंग्लैंड के मेयरों को रातभर ठहरने वाले पर्यटकों पर स्थानीय कर (टूरिस्ट टैक्स) लगाने का अधिकार देने की योजना पेश करने जा रही है। आवास की कुल लागत के प्रतिशत के रूप में वसूले जाने वाले इस कर का उद्देश्य स्थानीय बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करना है।
- इंग्लैंड के मेयरों को रातभर ठहरने वाले पर्यटकों पर प्रतिशत-आधारित कर लगाने का अधिकार मिलेगा।
- यह योजना स्कॉटलैंड और मैनचेस्टर के सफल मॉडलों पर आधारित है, जिसे प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम आगे बढ़ा रहे हैं।
- हॉस्पिटैलिटी उद्योग ने चेतावनी दी है कि इस टैक्स से घरेलू पर्यटन और बजट यात्रियों पर वित्तीय बोझ बढ़ सकता है।
इंग्लैंड के पर्यटन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। ब्रिटिश सरकार जल्द ही देश के क्षेत्रीय मेयरों को रातभर ठहरने वाले पर्यटकों पर एक नया शुल्क लगाने का अधिकार देने की घोषणा करेगी। इस योजना को आम बोलचाल में 'टूरिस्ट टैक्स' या पर्यटक कर कहा जा रहा है। इसके तहत होटल, गेस्ट हाउस या शॉर्ट-टर्म रेंटल में रुकने वाले मेहमानों से अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा, जिसका उपयोग स्थानीय प्रशासन अपने क्षेत्रों के विकास और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए करेगा।
हाउसिंग सेक्रेटरी एंजेला रेनर और देश के प्रमुख मेयरों के बीच होने वाली उच्च स्तरीय बैठक के बाद इस नीति के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाने की उम्मीद है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह पूरी तरह से स्थानीय नेताओं और वहां के मतदाताओं पर निर्भर करेगा कि वे अपने क्षेत्र के लिए क्या सही समझते हैं और क्या वे इस टैक्स को लागू करना चाहते हैं या नहीं।
प्रतिशत आधारित शुल्क से बजट यात्रियों को राहत
इस प्रस्तावित कानून की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह टैक्स किसी निश्चित राशि (फ्लैट फीस) के बजाय आवास की कुल लागत के एक निश्चित प्रतिशत के रूप में लिया जाएगा। सरकार का तर्क है कि इस कदम से बजट यात्रा करने वाले लोगों और मध्यमवर्गीय परिवारों को सुरक्षा मिलेगी, क्योंकि सस्ते होटलों पर टैक्स की राशि बहुत कम होगी। हालांकि, इस टैक्स की कोई ऊपरी सीमा तय नहीं की गई है, लेकिन मंत्रियों का मानना है कि स्थानीय मेयर इसे इतना महंगा नहीं बनाएंगे जिससे पर्यटन प्रभावित हो।
Why This Matters
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम ब्रिटेन में स्थानीय निकायों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। हालांकि, जीवनयापन की बढ़ती लागत के बीच हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के लिए यह एक नई चुनौती साबित हो सकता है, जिससे घरेलू पर्यटन की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित होने की आशंका है।
"अतिरिक्त करों से घरेलू पर्यटन हतोत्साहित हो सकता है और परिवारों तथा युवाओं के लिए छुट्टियां बिताना और अधिक महंगा हो जाएगा।"
यूके हॉस्पिटैलिटी (UK Hospitality) नामक व्यापारिक संगठन ने इस योजना पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इस तरह के करों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रिटेन के पर्यटन उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता कमजोर होगी। इसके विपरीत, स्थानीय नेताओं का मानना है कि पर्यटन स्थलों पर बढ़ते दबाव को संभालने और कचरा प्रबंधन, सुरक्षा व सार्वजनिक परिवहन जैसी सेवाओं को बनाए रखने के लिए यह अतिरिक्त राजस्व बेहद जरूरी है।
विभिन्न क्षेत्रों में पर्यटन कर की स्थिति
यह अवधारणा दुनिया भर के कई प्रमुख शहरों जैसे न्यूयॉर्क, एम्स्टर्डम और रोम में पहले से ही लागू है। ब्रिटेन के भीतर भी इसके सफल उदाहरण देखने को मिले हैं। उदाहरण के लिए, मैनचेस्टर में अप्रैल 2023 से ही 'सिटी विजिटर चार्ज' के रूप में £1 प्रति रात का शुल्क लिया जा रहा है।
| क्षेत्र / शहर | टैक्स दर / संरचना | लागू होने की स्थिति |
|---|---|---|
| मैनचेस्टर | £1 प्रति कमरा, प्रति रात (फ्लैट शुल्क) | अप्रैल 2023 से लागू |
| एडिनबर्ग | आवास लागत का 5% (अधिकतम 5 रातों के लिए) | जुलाई 2026 से लागू |
| वेल्स | £1.30 प्रति व्यक्ति, प्रति रात (सीमित) | अप्रैल 2027 से संभावित |
| लंदन (प्रस्तावित) | कमरे की लागत का 3% (अनुमानित) | चर्चा के अधीन |
लंदन के मेयर सर सादिक खान भी इस योजना का पुरजोर समर्थन कर रहे हैं। एक विश्लेषण के अनुसार, यदि लंदन में 3% की दर से यह टैक्स लगाया जाता है, तो इससे सालाना £350 मिलियन (लगभग 3,800 करोड़ रुपये) से अधिक का राजस्व प्राप्त हो सकता है, जिससे राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को काफी मजबूती मिलेगी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या यह पर्यटक कर पूरे इंग्लैंड में अनिवार्य रूप से लागू होगा?
उत्तर: नहीं, यह अनिवार्य नहीं है। यह पूरी तरह से स्थानीय मेयरों और क्षेत्रीय परिषदों पर निर्भर करेगा कि वे इसे अपने अधिकार क्षेत्र में लागू करना चाहते हैं या नहीं।
प्रश्न 2: क्या यह टैक्स केवल होटलों पर लागू होगा?
उत्तर: नहीं, यह टैक्स होटलों के साथ-साथ बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&Bs) और एयरबीएनबी (Airbnb) जैसे शॉर्ट-टर्म हॉलिडे लेट्स पर भी समान रूप से लागू होगा।