सुपर लीग दिग्गज टॉम ब्रिस्को 19 सीजन के बाद संन्यास ले रहे हैं। 200 से अधिक ट्राइज और स्पोर्ट्स साइंस में PhD की उनकी उपलब्धि पेशेवर एथलीटों के लिए शिक्षा और खेल के संतुलन का एक नया मार्ग प्रशस्त करती है।

  • टॉम ब्रिस्को ने 19 सीजन और 200 से अधिक ट्राइज के साथ संन्यास लिया।
  • पेशेवर रूप से खेलते हुए लीड्स बेकेट यूनिवर्सिटी से स्पोर्ट्स साइंस में PhD पूरी की।
  • शैक्षणिक संक्रमण के लिए 'रग्बी लीग केयर्स' (RL Cares) के शिक्षा अनुदान का लाभ उठाया।
  • हल्ल एफसी (Hull FC) के लिए लीड्स राइनोस के खिलाफ अंतिम मैच खेला।

रग्बी फुटबॉल लीग (RFL) और रग्बी लीग केयर्स ने डॉ. टॉम ब्रिस्को को उनके शानदार खेल करियर और शैक्षणिक सफलता के लिए बधाई दी है। ब्रिस्को, जो सुपर लीग के एक दिग्गज खिलाड़ी रहे हैं, इस शुक्रवार को हल्ल एफसी की ओर से लीड्स राइनोस के खिलाफ अपना अंतिम मैच खेलेंगे, जो उनके लगभग दो दशकों के करियर का समापन होगा।

मैदान पर ब्रिस्को की उपलब्धियां अविश्वसनीय रही हैं—जिसमें प्रतिष्ठित 2015 लांस टॉड ट्रॉफी और 200 से अधिक ट्राइज शामिल हैं। हालांकि, अब उनकी शैक्षणिक दृढ़ता चर्चा का विषय बनी हुई है। इस वर्ष, उन्होंने लीड्स बेकेट यूनिवर्सिटी से स्पोर्ट्स साइंस में अपनी PhD पूरी की, जिसके लिए उन्होंने खेल की कठोर मांगों के साथ शोध कार्य को संतुलित करने में दस साल समर्पित किए।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि ब्रिस्को का सफर पेशेवर खेलों की संस्कृति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। ऐतिहासिक रूप से, कई खिलाड़ी खेल छोड़ने के बाद किसी करियर योजना के बिना रह जाते थे, जिससे उन्हें वित्तीय और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। RL Cares के शिक्षा अनुदान का उपयोग करके, ब्रिस्को ने साबित कर दिया है कि बौद्धिक विकास और शारीरिक श्रेष्ठता एक साथ संभव हैं।

"टॉम ने खिलाड़ी कल्याण के लिए एक स्वर्ण मानक स्थापित किया है, यह साबित करते हुए कि शैक्षणिक योग्यताएं खेल के बाद के जीवन के लिए सबसे अच्छी बीमा पॉलिसी हैं।"

अपनी यात्रा को याद करते हुए, ब्रिस्को ने बताया कि कैसे उन्होंने अपने शुरुआती दिनों में ए-लेवल की पढ़ाई और रग्बी के बीच संघर्ष किया। उनके जीवन में मोड़ तब आया जब लीड्स राइनोस और लीड्स बेकेट यूनिवर्सिटी की साझेदारी के कारण उन्होंने स्पोर्ट्स और एक्सरसाइज साइंस में डिग्री शुरू की। पार्ट-टाइम छात्र होने और महामारी की चुनौतियों के बावजूद, उनका लक्ष्य स्पष्ट था।

रग्बी लीग केयर्स के वित्तीय समर्थन ने इसमें अहम भूमिका निभाई। ब्रिस्को ने स्वीकार किया कि विश्वविद्यालय की शिक्षा महंगी होती है, और इन अनुदानों ने उन्हें अपने परिवार की स्थिरता से समझौता किए बिना पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में मदद की। वह उन खिलाड़ियों की तरह नहीं बनना चाहते थे जो खेल के बाद खुद को दुनिया के लिए तैयार नहीं पाते।

एक दिलचस्प बात यह रही कि ब्रिस्को ने अपनी अंतिम टीम शीट में अपना नाम "डॉ. टॉम ब्रिस्को" दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन स्वचालित सिस्टम ने इसे स्वीकार नहीं किया। इंग्लैंड कैप और वेम्बली में पांच ट्राइज लगाने जैसी यादों के साथ, वह अब अपनी PhD को अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।

क्या आप जानते हैं?: टॉम ब्रिस्को का करियर 19 सीजन तक चला, जिसका अर्थ है कि उन्होंने अपने पेशेवर खेल जीवन के लगभग आधे समय तक अपनी शैक्षणिक योग्यता के लिए पढ़ाई की।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: लांस टॉड ट्रॉफी क्या है?
उत्तर: यह सुपर लीग ग्रैंड फाइनल में 'मैन ऑफ द मैच' को दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है।

प्रश्न: रग्बी लीग केयर्स ने टॉम ब्रिस्को की मदद कैसे की?
उत्तर: उन्होंने शैक्षिक अनुदान प्रदान किए जिससे उनकी डिग्री और PhD की लागत कम हुई और खेल के बाद के जीवन के लिए संक्रमण आसान हुआ।