गुजरात सरकार ने व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए दुकानों, मॉल और रेस्टोरेंट को 24 घंटे खुला रखने की अनुमति दे दी है। इस नए कानून का उद्देश्य राज्य में निवेश को आकर्षित करना और व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।
- गुजरात में अब दुकानें, मॉल, रेस्टोरेंट, होटल और शोरूम 24x7 संचालित हो सकेंगे।
- 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल 2026' के तहत समय की पाबंदियों को समाप्त कर दिया गया है।
- श्रमिकों के अधिकारों, सुरक्षा नियमों और कार्य घंटों से संबंधित पुराने कानून यथावत रहेंगे।
- यह कदम 'विकसित गुजरात @2047' विजन और आगामी वाइब्रेंट गुजरात समिट 2027 की दिशा में एक बड़ा कदम है।
गुजरात विधानसभा ने मानसून सत्र के अंतिम दिन 'गुजरात ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026' को भारी बहुमत से पारित कर दिया है। इस बिल के लागू होने के साथ ही राज्य के वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए संचालन के घंटों की पाबंदी समाप्त हो गई है। अब पुलिस या स्थानीय प्रशासन केवल समय सीमा का हवाला देकर किसी दुकान या मॉल को बंद नहीं करवा सकेगा।
इस संशोधन से पहले, गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग समय सीमाएं लागू थीं। नगर निगम क्षेत्रों और राजमार्गों पर दुकानें रात 2 बजे से सुबह 6 बजे तक बंद रखनी पड़ती थीं, जबकि अन्य ग्रामीण या अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक का प्रतिबंध था। अब ये सभी समय प्रतिबंध पूरी तरह हटा दिए गए हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियाँ चौबीसों घंटे जारी रह सकेंगी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कदम केवल व्यापारिक घंटों को बढ़ाने के बारे में नहीं है, बल्कि यह गुजरात की अर्थव्यवस्था को एक 'ग्लोबल हब' बनाने की रणनीति का हिस्सा है। 24/7 संचालन से न केवल राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि पर्यटन और नाइट-इकोनॉमी को भी बढ़ावा मिलेगा। यह वैश्विक निवेशकों को यह संकेत देता है कि गुजरात व्यापार के लिए सबसे लचीला और अनुकूल राज्य है।
"व्यापारिक नियमों का सरलीकरण और ट्रस्ट-बेस्ड गवर्नेंस की ओर बढ़ना गुजरात को औद्योगिक विकास में अग्रणी बनाए रखेगा।"
राज्य के उद्योग राज्य मंत्री डॉ. जयराम गामित ने स्पष्ट किया कि इस बिल का उद्देश्य नियामक बोझ को कम करना और प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाना है। इसमें 5 अलग-अलग राज्य कानूनों के 12 प्रावधानों को एक ही ढांचे में लाया गया है, जिससे प्रशासनिक जटिलताएं कम होंगी।
इस व्यापक सुधार पैकेज में केवल दुकानें ही नहीं, बल्कि अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्र भी शामिल हैं। उदाहरण के लिए, गुजरात फायर प्रिवेंशन एक्ट के तहत अब अग्नि सुरक्षा मानक जोखिम-आधारित होंगे, जिससे अनुपालन लागत कम होगी। वहीं, गुजरात मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत अन्य राज्यों के डॉक्टरों के लिए गुजरात में पंजीकरण की प्रक्रिया को 'स्व-घोषणा' के आधार पर सरल बनाया गया है।
| विशेषता | पुराना नियम (पूर्व) | नया नियम (2026 बिल) |
|---|---|---|
| संचालन समय | रात 11 बजे/2 बजे से सुबह 6 बजे तक बंद | 24 घंटे / 7 दिन खुला रहने की अनुमति |
| पंजीकरण प्रक्रिया | कठोर सरकारी मंजूरी | स्व-घोषणा और स्व-प्रमाणन (Self-Certification) |
| शिकायत निवारण | मैनुअल फॉलो-अप | ऑटो-अपील और ऑटो-एस्केलेशन सिस्टम |
इसके अलावा, 'गुजरात राइट ऑफ सिटीजन्स टू पब्लिक सर्विसेज एक्ट' में तकनीकी सुधार किए गए हैं। अब यदि कोई सरकारी सेवा निर्धारित समय में पूरी नहीं होती है, तो वह मामला स्वचालित रूप से (Auto-escalation) उच्च अधिकारी के पास चला जाएगा, जिससे भ्रष्टाचार और देरी पर लगाम लगेगी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या कर्मचारियों को अब 24 घंटे काम करना होगा?
नहीं, यह कानून केवल प्रतिष्ठानों के खुलने के समय के बारे में है। कर्मचारियों के कार्य घंटे, विश्राम अंतराल और सुरक्षा से संबंधित सभी मौजूदा श्रम कानून पहले की तरह ही लागू रहेंगे।
प्रश्न 2: क्या सभी दुकानों के लिए यह अनिवार्य है कि वे 24 घंटे खुलें?
नहीं, यह एक अनुमति (Permission) है, अनिवार्यता नहीं। दुकान मालिक अपनी सुविधा और मांग के अनुसार तय कर सकते हैं कि वे कितने घंटे संचालन करना चाहते हैं।