बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण शनिवार को देश के 17 राज्यों में भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना है। IMD ने कई राज्यों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है।

  • बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट।
  • ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में व्यापक बारिश की संभावना।
  • आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाओं की चेतावनी।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार, 12 सितंबर को भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर एक कम दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ है, जो दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों के पास स्थित है।

यह मौसम प्रणाली अगले 24 घंटों के दौरान और अधिक प्रभावी होने और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है। इसके परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में छिटपुट भारी बारिश हो सकती है।

क्षेत्रवार प्रभाव और पूर्वानुमान

IMD के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा, कोंकण, गोवा, तेलंगाना और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 'छिटपुट' (isolated) बारिश का अर्थ है कि प्रभावित क्षेत्र के 1-25% स्टेशनों पर भारी बारिश हो सकती है।

यह महत्वपूर्ण क्यों है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि मानसून के इस दौर का सीधा असर कृषि गतिविधियों और शहरी बुनियादी ढांचे पर पड़ेगा। विशेष रूप से तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण मछली पकड़ने और परिवहन सेवाओं में व्यवधान आ सकता है।

"बंगाल की खाड़ी में विकसित होने वाला यह निम्न दबाव का क्षेत्र मानसून की वापसी से पहले एक महत्वपूर्ण स्पैल है, जो जलाशयों के जलस्तर को बढ़ाने में मदद करेगा।"

हवाओं की गति की बात करें तो तमिलनाडु, पुडुचेरी और विदर्भ में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश में थंडरस्क्वाल (thundersquall) की स्थिति बन सकती है, जहाँ हवा की गति 50-60 किमी/घंटा तक पहुँच सकती है।

क्षेत्र/राज्य संभावित प्रभाव हवा की गति (किमी/घंटा)
तटीय आंध्र प्रदेश भारी बारिश और थंडरस्क्वाल 50-60
तमिलनाडु/विदर्भ गरज-चमक और बारिश 40-50
बिहार/झारखंड/ओडिशा मध्यम से भारी बारिश 30-40
क्या आप जानते हैं?: भारत में मानसून की तीव्रता मुख्य रूप से हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव के क्षेत्रों (Low Pressure Areas) द्वारा निर्धारित होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: 'छिटपुट बारिश' (Isolated Rainfall) का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि संबंधित क्षेत्र के केवल 1% से 25% हिस्सों में ही भारी बारिश होने की संभावना है, न कि पूरे राज्य में।

प्रश्न 2: सबसे अधिक प्रभावित राज्य कौन से हैं?
ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है।