केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारत में 'बैरियर-फ्री' टोलिंग सिस्टम लागू करने की घोषणा की है। मार्च 2027 तक पूरे देश में मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम लागू होगा, जिससे वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी।

  • मार्च 2027 तक सभी टोल प्लाजा से बैरियर हटा दिए जाएंगे।
  • मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम के जरिए बिना रुके टोल कटौती होगी।
  • फास्टैग और नंबर प्लेट पहचान तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
  • इस प्रणाली से ईंधन की बचत और समय की भारी कमी आएगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारतीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव का ऐलान किया है। सरकार की योजना के अनुसार, मार्च 2027 तक देश के सभी नेशनल हाईवे पर मौजूद टोल बैरियर पूरी तरह से हटा दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को समाप्त करना और यातायात के प्रवाह को निर्बाध बनाना है।

इस नई व्यवस्था को मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग कहा जा रहा है। वर्तमान में फास्टैग (FASTag) सिस्टम होने के बावजूद, वाहनों को बैरियर खुलने का इंतजार करना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है। MLFF सिस्टम के आने के बाद, वाहन अपनी सामान्य गति से चलते रहेंगे और सेंसर एवं कैमरों के माध्यम से उनकी पहचान कर टोल राशि स्वचालित रूप से काट ली जाएगी।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कदम भारत के बुनियादी ढांचे के डिजिटलीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है। जब वाहन बिना रुके आगे बढ़ेंगे, तो न केवल कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, बल्कि लॉजिस्टिक्स लागत में भी गिरावट आएगी, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यह सिस्टम वैश्विक मानकों के अनुरूप भारत के राजमार्गों को आधुनिक बनाएगा।

"बैरियर-फ्री टोलिंग न केवल यात्रियों के समय की बचत करेगी, बल्कि यह सड़क सुरक्षा को भी बढ़ाएगी क्योंकि टोल प्लाजा पर अचानक ब्रेक लगाने से होने वाली दुर्घटनाएं कम होंगी।"

तकनीकी रूप से, यह प्रणाली फास्टैग और उन्नत नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरों के समन्वय पर आधारित होगी। यदि किसी वाहन में फास्टैग नहीं है या वह काम नहीं कर रहा है, तो हाई-रेजोल्यूशन कैमरे नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे और वाहन मालिक के पंजीकृत खाते से शुल्क वसूलेंगे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: भारत ने टोल संग्रह के लिए मैनुअल कैश पेमेंट से फास्टैग की ओर प्रस्थान किया था। फास्टैग ने टोल संग्रह की दक्षता में सुधार किया, लेकिन भौतिक बैरियर अभी भी एक बाधा बने हुए थे। MLFF इस विकास यात्रा का अंतिम चरण है, जो पूरी तरह से संपर्क-रहित भुगतान सुनिश्चित करेगा।

विशेषता वर्तमान FASTag सिस्टम आगामी MLFF सिस्टम
बैरियर उपलब्ध (रुकना पड़ता है) कोई बैरियर नहीं (फ्री फ्लो)
प्रतीक्षा समय कुछ सेकंड से कई मिनट शून्य सेकंड
पहचान तकनीक RFID टैग RFID + ANPR कैमरा
क्या आप जानते हैं?: मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) तकनीक का उपयोग पहले से ही अमेरिका और यूरोप के कई विकसित देशों में किया जा रहा है, जिससे उनके हाईवे ट्रैफिक की गति 20% तक बढ़ गई है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या MLFF के लिए नया टैग खरीदना होगा?
नहीं, मौजूदा फास्टैग ही काम करेंगे, लेकिन सिस्टम को और अधिक सटीक बनाने के लिए नंबर प्लेट पहचान तकनीक को जोड़ा जाएगा।

प्रश्न 2: यह नियम कब से पूरी तरह लागू होगा?
नितिन गडकरी के अनुसार, मार्च 2027 तक देश के सभी टोल प्लाजा को बैरियर-फ्री कर दिया जाएगा।